श्रीनयनादेवी (बिलासपुर)। विश्व विख्यात तीर्थ स्थल श्रीनयनादेवी में 18 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रों को लेकर मंदिर न्यास की बैैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम स्वारघाट अनिल चौहान ने की। बैठक में मेले को सफल बनाने के लिए सुझाव मांगे गए।
एसडीएम ने कहा कि मेलों और ऐसे बड़े धार्मिक स्थलों में आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाने में स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कहा कि नयनादेवी में सारे कार्यों को सही ढंग से करने के लिए अलग-अलग सब कमेटियों का गठन किया गया है।
न्यास अध्यक्ष ने कहा कि नयनादेवी में नौ सेक्टर बनाए गए हैं। हर सेक्टर में पुलिस अधिकारी तथा सेक्टर मैजिस्ट्रेट कार्य करेंगे। मेले में लगभग 350 सुरक्षा कर्मचारी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर तैनात किए जाएंगे। न्यास अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर में 122 अस्थायी कर्मचारियों का चयन किया जाएगा। कोताही बरतने वाले कर्मचारी पर तुरंत कार्रवाई होगी। मंदिर कपाट सुबह डेढ़ बजे खुलेंगेे और नियमानुसार रात 12 बजे बंद किए जाएंगे। लंगर लगाने के लिए यात्रियों को 15 हजार रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाने होंगे। अगर किसी भी यात्री की शिकायत मिलेगी तो राशि जब्त कर ली जाएगी। मंदिर के अंदर हलवा और नारियल ले जाने पर पाबंदी होगी। यात्रियों को एलईडी के माध्यम से सूचना उपलब्ध करवाई जाएगी। मंदिर निकासी गेट के बाहर यात्रियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोस्ट लगाया जाएगा।
सफाई व्यवस्था, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने व उन्हें हर मूलभूत सुविधा प्रदान करने के लिए अतिरिक्त कमेटियों का गठन किया गया है। सफाई व्यवस्था कमेटी मंदिर के अधिकार क्षेत्र में नगर परिषद द्वारा रखे गए सफाई कर्मियों पर बराबर नजर रखेगी। समय-समय पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करने के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। पानी व विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। रास्तों में पसरी दुकानों को हटाने के आदेश दिए गए हैं। रास्तों पर दुकान पसारने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सामान ढोने वाले कुलियों को अपनी पहचान के लिए नगर परिषद द्वारा जारी टोकन लेने को कहा गया। सभी कुलियों से आग्रह किया कि परिषद के निर्धारित दाम ही लें अन्यथा कार्यवाई की जाएगी। असुरक्षित घोषित भवनों में श्रद्धालुओं को न ठहराएं, अनहोनी होने पर भवन मालिक ही जिम्मेदार होगा।