अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
मनाली तक चौड़ा हो रहे नेशनल हाईवे किनारे अवैध रूप से बनाई गई दुकानों और खोखों पर जल्द ही प्रशासन का बुलडोजर चलने वाला है। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद प्रशासन ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। गरामौड़ा से लेकर स्वारघाट तक तो प्रशासन ने ऐसे कब्जे हटा लिए हैं। मगर अब घागस और उससे आगे सलापड़ तक नेशनल हाईवे किनारे बसे खोखों और दुकानों को हटाया जाएगा। इसकी सूची प्रशासन ने तैयार कर ली है। गरामौड़ा से लेकर सलापड़ तक बिलासपुर प्रशासन ने ऐसे सैकड़ों कब्जों को हटाएगा। यह अवैध कब्जे नेशनल हाईवे अथॉरिटी की जमीन पर हुए हैं। गरामौड़ा से लेकर कुछ जगह पर तो प्रशासन ने कब्जों को हटा दिया है, जबकि कुछ ने अपने आप ही कब्जों को हटाया था। अब घाघस और उससे आगे सलापड़ तक नेशनल हाईवे किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाना बाकी है। प्रशासन के मुताबिक अभी तक करीब 40 से 50 ऐसे अवैध कब्जे प्रशासन ने चयनित किए हैं जो एनएच किनारे और एनएच की जमीन पर बनाए गए हैं। इस वजह से नेशनल हाईवे को चौड़ा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट भी संबंधित जिला के प्रशासनों को इस बारे में आदेश दे चुका है कि वह कब्जों को हटाए और एनएचआई की मदद करें। इसे देखते हुए अब जिला प्रशासन कब्जों को हटाने की प्लान तैयार कर चुका है। घागस चौक पर सबसे ज्यादा अवैध कब्जे हैं, क्योंकि यहां पर बिल्कुल सड़क किनारे लोगों ने खोखे बनाए हैं। एसडीएम सदर हरीश गज्जू ने बताया कि सड़क को चौड़ा करने के लिए जो दुकानें और खोखे परेशानी बने हुए हैं, उन्हे हटाने के आदेश मिले हैं। इसकी सूची तैयार कर ली गई है। जल्द ही इन्हें हटाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जबकि कुछ को हटा दिया गया है।