अमर उजाला ब्यूरो
जामली (बिलासपुर)। बिलासपुर में डेंगू की रोकथाम को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। डेंगू को लेकर शहरों में ही सफाई अभियान व दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा हैं, लेकिन गांव स्तर पर डेंगू की रोकथाम के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
कल्लर पंचायत के पट्टा गांव में प्राइमरी स्कूल के साथ आंगनबाड़ी केंद्र के पास फोरलेन का कार्य चल रहा है। साथ ही यहां पर ज्यादा आबादी वाला गांव भी है। कुछ माह पहले फोरलेन का कार्य बंद हो चुका है। यहां पर कंपनी द्वारा गहरे-गहरे गड्ढे खोदे गए हैं जिसमें बारिश का पानी एकत्रित हो चुका है। एक तो इन गड्ढों में किसी मासूम के डूब जाने का खतरा बना हुआ है वहीं ऊपर से मच्छरों के पनपने का भय भी लोगों में बना हुआ है।
प्राइमरी स्कूल के बच्चों का कहना है कि जब वह दोपहर के समय यहां पर खेलते हैं या पढ़ाई करते हैं तो अकसर मच्छर उन्हें काटते हैं। जब बच्चों ने अभिभावकों से इस बात को बताया तो उन्होंने उपायुक्त बिलासपुर से वार्ता की लेकिन उसके बाद भी इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
पंचायत प्रधान सोमा देवी का कहना है कि उन्होंने कुछ समय पहले उपायुक्त बिलासपुर को इस घटना के बारे में सूचना दी थी लेकिन किसी भी तरह की कार्रवाई ना होने से उन्होंने पंचायत स्तर पर दवाइयों का छिड़काव किया था लेकिन फिर से वहां पर मच्छर फैल गए हैं जिससे डेंगू होने का खतरा हो रहा है।