अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई के पास न तो रोड अलाइनमेंट है और न ही सप्लीमेंटरी भूमि अधिग्रहण प्लान मौजूद है। इस कारण विस्थापितों और प्रभावितों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि भूमि अधिग्रहण प्लान न होने के कारण लोगों को इस बात का अंदाजा नहीं लग पा रहा है कि उनकी कितनी जमीन सड़क के लिए ली गई है और उन्हें कितनी जमीन का मुआवजा मिला है। भूमि अधिग्रहण इकाई के पास रोड अलाइनमेंट प्लान और सप्लीमेंटरी प्लान न होने का खुलासा मंगलवार 24 जुलाई को भूमि अधिग्रहण अधिकारी चेतना खंदवाल के कार्यालय से जारी पत्र संख्या एलएओ(वि.भू.अ.ई) रा.उ.मा/2018-1260 में बताया कि संबंधित कार्यालय में इस प्रकार की कोई सूचना न होने की बात कही है।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के उपप्रधान राकेश कुमार, चिंता देवी, कोषाध्यक्ष श्रवण कुमार और मुख्य सलाहकार लेखराम व सीताराम, महासचिव मदन लाल शर्मा का कहना है कि भू -अधिग्रहण प्लान न होने के कारण सैकड़ों लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है क्योंकि लोगों को अभी तक यह पता नहीं लग पा रहा है कि उनकी कितनी जमीन सड़क में गई है। इस कारण कई स्थानों पर तो लोगों को मुआवजा भी कम मिला है। भू-अधिग्रहण प्लान से साफ हो जाएगा की किसकी कितनी जमीन सड़क में गई है।
समिति का कहना है कि जो पूर्व में आरओडब्ल्यू एनएचएआई द्वारा एनजीटी दिया है वह वर्तमान में दिए गए अधिग्रहण प्लान को ओवरलैप(सुपरइंपोज) नहीं हो पा रहा है। इस कारण विस्थापित और प्रभावित आज भी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि विस्थापितों और प्रभावितों की समस्याओं का समाधान किया जाए ताकि लोगों को परेशानियों से दो चार न होना पड़े।