बिलासपुर। जिला प्रशासन ने नूरपुर में हुए हादसे के बाद स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। अगर कोई अभिभावक स्कूल की शिकायत करना चाहता है तो वह 1077 नंबर पर इसकी शिकायत कर सकता है। शिकायत करने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। इसके बाद संबंधित शिकायत की जांच की जाएगी, अगर जांच में शिकायत सही पाई गई तो स्कूल पर गाज गिरना तय होगा।
उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने इस संबंध में जिला के सभी एसडीएम को आदेश जारी कर कहा है कि वह निजी स्कूलों की बसों में हो रही ओवरलोडिंग को रोकने के लिए स्वयं फील्ड में उतरें, कोताही बरतने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि जिस उपमंडल कार्यालय में जितने भी निजी स्कूल आते हैं, उन सभी का ब्योरा एक सप्ताह के भीतर एकत्रित कर उन्हें भेजें। इसमें स्कूलों से जानकारी मांगी गई है कि बसों का रजिस्ट्रेशन नंबर, कितने चालक, बसों में हेल्पर, चालक के लाइसेंस की जानकारी, हेवी है या लाइट वैट लाइसेंस है। इसके अलावा कितने सीट वाली बस है, कितनी बसें स्कूल के पास हैं, कितने बच्चों ने बस सुविधा ले रखी है। कौन सी बस किसी रूट पर जाती है। एक समय में कितने बच्चों को बस में ले जाया जाता है। ऐसी तमाम जानकारियां स्कूल प्रबंधकों से मांगी गई है। इसके अलावा जिला प्रशासन ने स्कूल बसों में ओवरलोडिंग को रोकने के लिए एक ओर मुहिम छेड़ी है। इसमें उन्होंने कहा है कि अगर स्कूल बसों में ओवरलोडिंग हो रही है, तो लोग इसका फोटो खिंचकर उन्हें भेज सकते हैं। इसके बाद इस मामले की जांच की जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द हो सकती है।
डीसी बिलासपुर विवेक भाटिया का कहना है कि स्कूलों की मनमानी की शिकायत प्रशासन के 1077 नंबर पर की जा सकती है। इसके अलावा ओवरलोडिंग का फोटो खिंचकर भेजें, इस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जबकि सभी स्कूलों से स्टाफ व बसों से संबंधित डिटेल मांगी गई है।