रितेश गुलेरिया
बिलासपुर।
शहर में अवैध कब्जा कर बैठे लोगों पर अब सरकार का चाबुक चल सकता है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब नगर परिषद और राजस्व विभाग की टीम ने शहर के सर्वे शुरू कर अवैध कब्जों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। इसके लिए वार्ड नंबर एक से काम शुरू कर दिया गया है। शहर के सभी 11 वार्डो में अवैध कब्जों को चिन्हित करने के बाद आगामी कार्रवाई के लिए फाइल हाईकोर्ट भेजी जाएगा। जबकि पहले तय हो चुके अवैध कब्जों को हटाने के लिए हाईकोर्ट ने महीने का समय दिया है। तहसीलदार और नप के कार्यकारी अधिकारी को कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट हाईकोर्ट में जमा करवाने को कहा गया है। एसडीएम बिलासपुर डॉ. हरीश गज्जू ने इस आशय की पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर शहर में अधिकांश गृह निर्माण अवैध रूप से हुआ है। एक सरकारी अधिकारी की मानें तो शहर में 90 फीसदी से अधिक अवैध कब्जे हैं। जिसे लेकर हाई कोर्ट ने कड़े आदेश जारी किए हैं। हालांकि कुछ कब्जों को नगर परिषद ने हटा दिया है। लेकिन अभी भी भारी संख्या में अवैध कब्जों को हटाया जाना शेष है। रसूखदारों के कब्जों को लेकर सरकारी अमले ने चुप्पी साधे हुए है। वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट तहसीलदार और नप के कार्यकारी अधिकारी से पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट जमा करवाने को कहा है। कोर्ट आदेश के दबाव में अब वार्ड स्तर पर सर्वे कर पूरी रिपोर्ट तैयार करने की कवायद को शुरू कर दिया है। इस काम में नगर परिषद और राजस्व विभाग की टीमें जुट गई हैं। इस संबंध में एसडीएम बिलासपुर डॉ. हरीश गज्जू ने बताया कि जिन कब्जों के आदेश हुए हैं उन्हें नगर परिषद हटा रही है। अन्य अवैध कब्जों की लिस्ट तैयार की जा रही है।
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रसूखदारों पर नहीं हो रही कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि नगर परिषद ने बिलासपुर क्षेत्र में नगर परिषद ने कई लोगों के अवैध कब्जे हटाए हैं। लेकिन रसूखदार लोगों के कब्जों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। संबंधित विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो शहर में कई लोगों ने पांच-पांच बीघा से अधिक अवैध कब्जा कर रखा है। लेकिन रसूखदार होने के कारण अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।