अमर उजाला ब्यूरो
स्वारघाट (बिलासपुर)। जिला बिलासपुर के उपमंडल स्वारघाट के श्रीनयना देवी विधानसभा के अंतर्गत गत दो साल पहले शुरू किए गए सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट डोल बेहरडा स्थान में काम कर रहे मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन किया। काम पर रखे गए सैकड़ों स्थानीय मजदूरों ने भेल कंपनी पर मजदूरों के शोषण करने व श्रम कानूनों की सरेआम धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है।
सौर ऊर्जा डोल बेहरड़ा प्रोजेक्ट में काम पर लगे मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सरदार तारा सिंह व यूनियन के प्रधान गोपाल सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे से सभी मजदूर प्रोजेक्ट कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं। इसके साथ ही मजदूरों ने प्रदर्शन किया और रैली निकालते हुए प्रबंधन व कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
मजदूरों के धरने प्रदर्शन को एटक जिला बिलासपुर के मुख्य सलाहकार कॉमरेड भाग सिंह चौधरी ने भी संबोधित किया। दो साल से उक्त सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य चला हुआ है। हालांकि अब डोल बेहरड़ा के प्रोजेक्ट का कार्य भी तकरीबन पूरा हो चुका है लेकिन बावजूद इसके प्रोजेक्ट में काम पर लगे सैकड़ों मजदूरों को कंपनी की ओर से नाममात्र सुविधा भी नहीं दी जा रही है। जबकि हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का सारा निर्माण कार्य का जिम्मा भेल कंपनी को सौंपा हुआ है।
कॉमरेड भाग सिंह ने यह भी बताया कि गत दो साल से उक्त सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट डोल बेहरड़ा में काम पर रखे गए सैकड़ों मजदूरों को कंपनी द्वारा आज दिन तक कोई भी पीएफ व ईएसआई सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है जिस कारण प्रोजेक्ट में कोई दुर्घटना होने पर मजदूरों को अपना इलाज स्वयं करवाना पड़ता है। मजदूरों को 12 घंटे तक काम करना पड़ रहा है जिस कारण विवश होकर मजदूरों को धरना व प्रदर्शन करना पड़ा है। मजदूरों ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन व भेल कंपनी पर मनमानी करने व मिलीभक्त के गंभीर आरोप लगाए हैं।
एसडीएम स्वारघाट अनिल चौहान का कहना था कि उक्त मामले पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।