अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कोलबांध पर बनी पेयजल योजना कब पूरी होगी यह बड़ा सवाल पैदा हो गया है। 65 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस पेयजल योजना से जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों के करीब एक लाख लोगों को लाभ मिलना था। जबकि भाजपा ने भी सत्ता में आते ही कहा था कि पांच महीने में योजना का उद्घाटन कर जनता को समर्पित कर दी जाएगी लेकिन विभागीय अधिकारियों की माने तो अभी तक योजना की टेस्टिंग भी पूरी नहीं हो पाई है। इससे अभी योजना के पूरी तरह से शुरू होने में चार से पांच माह का और वक्त लग सकता है।
बिलासपुर में पानी की कमी को देखते हुए कोलबांध से उठाऊ पेयजल योजना जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों के लिए तैयार की गई है। कई किलोमीटर लंबी इस पेयजल योजना में हजारों से लेकर लाखों लीटर तक क्षमता के टैंक बनाए गए हैं। इस योजना से जिले में चलने वाली पेयजल व सिंचाई योजनाओं को भी आने वाले काफी सालों के लिए जीवनदान मिलना था।
इससे साफ हो गया है कि अभी योजना के उद्घाटन में समय लगेगा। ऐसे में सवाल है कि आखिर लोगों को क्यों बार-बार इस योजना के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। उक्त योजना पर सालों से काम चला हुआ है।
विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो जब तक योजना की सफल टेस्टिंग नहीं होती तब तक उद्घाटन नहीं हो पाएगा। ऐसे में साफ है कि योजना का काम अभी अधूरा है।
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180 गांवों के एक लाख लोगों को मिलेगा पानी
इस योजना से 180 गांवों के एक लाख लोगों को पानी मिलेगा। इस योजना से 41 विभिन्न योजनाओं को पर्याप्त पानी मिलेगा। इसमें सदर की 29, घुमारवीं की 7 और श्री नयनादेवी की 5 योजनाएं शामिल हैं। योजना के लिए 45 लाख लीटर का मुख्य टैंक बनाया गया है। इसके बाद बैरी में 22.5 लाख लीटर के दो भंडारण टैंक, ब्रास में भी 22.5 लाख लीटर के दो टैंक, भयात्र में 19.34 लाख लीटर और चैहरी में करीब 13.33 लाख लीटर का टैंक बनाया गया है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी टैंक बनाए गए हैं। योजना के लिए एक साथ 6 मोटरें काम करेंगी।