अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर/श्री नयना देवी। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्रीनयना देवी को जाने वाली सड़क जगह-जगह मौत को दावत दे रही है। कैंची मोड़ से लेकर श्रीनयना देवी तक करीब 18 किमी सड़क में हर किमी पर सड़क धंसी है और चट्टानें गिरी हैं। हालत ऐसी है कि कई स्थानों पर तो गाड़ी क्रास होना भी आसान नहीं है। ऐसे में कभी बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन लोगों की तमाम शिकायतों के बाद भी कोई कुछ करने को तैयार नहीं है।
उल्लेखनीय है कि श्रीनयना देवी को हर रोज सैकड़ों सैलानी गाड़ियों से पहुंचते हैं जिसमें से कैंची मोड़ से होकर श्रीनयना देवी को सैकड़ों वाहन गुजरते हैं लेकिन बरसात के मौसम में भारी बारिश के बाद धंसे डंगों और गिरी चट्टानों के लिए आज तक कोई कदम लोक निर्माण विभाग नहीं उठा पाया है। इससे हर समय इस सड़क पर सफर करते समय लोगों की अपनी जान का खतरा बना रहता है।
लोगों में संतोष कुमार, प्रमोद कुमार, सुखदेव, कंचन देवी, सुखविंद्र सिंह, परमजीत कौर, विजय कुमार सहित अन्य लोगों का कहना है कि इस सड़क पर सफर किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो इसका जिम्मेवार कौन होगा? लोगों का कहना है कि इस मार्ग से हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं लेकिन इसके बाद भी लोक निर्माण विभाग महीनों से इस संबंध में कुछ नहीं कर पा रहा है।
इधर, इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन आत्मा राम कालिया का कहना है कि बारिश से क्षेत्र में करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ है जिसकी पूरी रिपोर्ट बनाई गई है। कहा कि जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।