अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में बरती गई अनियमितताओं को लेकर एसडीएम झंडूता विकास शर्मा ने पटवार सर्कल समलेटा व झंडूता तहसील के जन सूचना अधिकारी से एक माह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।
एसडीएम ने कहा है कि एक माह के अंदर वह रिकॉर्ड मुहैया करवाया जाए जो की पढ़ने योग्य नहीं है व जिसे समझने में परेशानी आ रही है। एसडीएम ने यह रिपोर्ट आवेदनकर्ता व भू-अधिग्रहण की विशेष इकाई व उनके कार्यालय में जमा करवाने को कहा है।
गौरतलब है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में झंडूता विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाले गांव छत, धराड़सानी, कोठी, पट्टा, बैहलग, डमली, भटेड़, ऋषिकेश, बैहनाजट्टा, कल्लर से गुजरने वाली फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण हुआ। इस भूमि अधिग्रहण में बहुत अनियमितताएं बरती गईं जिसकी पुष्टि तत्कालीन डीसी ऋग्वेद ठाकुर बिलासपुर ने की थी और इस संबंध में भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर के तहसीलदार को संबंधित उप-मंडलाधिकारियों से नियमानुसार अनुमति लेकर दुरुस्ती करने के आदेश भी दिए थे।
इससे पहले 19-5-2016 को तत्कालीन रहे अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी चांद प्रकाश शर्मा बिलासपुर ने भी सभी तहसीलदारों को दुरुस्ती करने के आदेश दिए थे लेकिन आज दिन तक इस संवेदनशील मसले पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो पाई जिस पर तहसील झंडूता के उप-मंडलाधिकारी ने कड़ा संज्ञान लिया है। उप-मंडलाधिकारी के इस सराहनीय कदम से विस्थापितों ने एसडीएम का आभार जताया है।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदनलाल शर्मा ने कहा कि पिछले छह सालों से लटके इस संवेदनशील मसले पर किसी अधिकारी ने कुछ करने की कम से कम हिम्मत तो दिखाई है। वहीं पटवारी हल्का ने स्वयं भी पुष्टि की है कि कुछ रिकॉर्ड पढ़ने योग्य है।