अमर उजाल ब्यूरो
बिलासपुर।
विधान सभा चुनावों के लिए जिस प्रकार से चुनाव आयोग ने शेड्यूल जारी किया है, इसमें चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए राहें आसान नहीं होंगी। आजाद उम्मीदवारों को 26 अक्तूबर को चुनाव चिन्ह दिए जाएंगे। इसके बाद प्रिंटिंग के लिए दो से तीन दिन का समय लगेगा। ऐसे में प्रत्याशी के लिए प्रचार करना आसान नहीं होगा।
गौर रहे कि भाजपा और कांग्रेस के टिकट न मिलने के कारण दोनों की दलों में बगावत के स्वर हैं। कई नेताओं ने तो आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का एलान तक कर दिया हैं। हालांकि इनमें से कई नेताओं की लोगों में पकड़ भी अच्छी हैं। मगर चुनाव आयोग का शेड्यूल इनके समीकरण बिगाड़ सकता है। ऐसे में आजाद उम्मीदवारों के पास चुनाव चिन्ह के साथ प्रचार करने के लिए पर्याप्त समय नहीं रह जाएगा। ऐसे में आजाद उम्मीदवारों को लोगों तक अपना चुनाव चिन्ह पहुंचाना भी आसान नहीं है।