अमर उजाला ब्यूरो
जुखाला (बिलासपुर)। शिमला-धर्मशाला नेशनल हाईवे की हालत इस कदर खस्ताहाल को चुकी है कि हाईवे पर सफर करना खतरे से खाली नहीं रह गया है। हाईवे का जीतना हिस्सा सोलन व बिलासपुर से होकर गुजरता है उस हिस्से में तो वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं रह गया है। रात के समय तो छोटे वाहन चालकों की परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। पता ही नहीं चलता कि कब जैसे हाईवे पर गड्ढा आ जाए।
एनएचएआई के अधीन आने वाले शिमला-धर्मशाला सड़क की हालत दयनीय है। सड़क में जगह-जगह गहरे गड्ढे पड़े हुए हैं, इस कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना इस हाईवे से लाखों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में खस्ताहाल हो चुके नेशनल हाईवे पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे होना आम बात हो गई है।
स्थानीय लोग बाबूराम शर्मा, पुरुषोत्तम, रमेश चंद, लाल चंद नड्डा, धर्मपाल, नवीन सिंह ने कहा कि शिमला-धर्मशाला सड़क का जीतना हिस्सा सोलन और बिलासपुर से गुजरता है उसकी दशा बहुत ही खराब है जगह-जगह गहरे गड्ढे पड़े हुए हैं। बार-बार आग्रह करने पर भी इसकी दशा सुधारने की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ब्रह्मपुखर से घाघस तक की सड़क तो गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इसके बारे में लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भी जुखाला दौरे के समय इस सड़क को ठीक करने की मांग की थी लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण लोगों में रोष है। घ्याणा गांव के पास पुल की रेलिंग कई महीने पहले टूट चुकी है। यहां पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन अभी तक इसे ठीक नहीं किया गया है।
शिमला-धर्मशाला फोरलेन के परियोजना निर्देशक वाईए राउत ने बताया कि इस सड़क को जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा। इसका टेंडर हो चुका है तथा मौसम ठीक होते ही इसकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।