अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। उत्तर प्रदेश की टॉप-10 महिलाओं में नाम शुमार कर चुकी गीता देवी आज बिलासपुर के सरस मेले में बांस के अचार के फायदे गिना रही है। राज्य स्तरीय नलवाड़ी में पहली बार सजी सरस मेले की महफिल में रानी लक्ष्मी बाई अवार्ड से सम्मानित हुई महिला पहुंची हुई हैं। यह अवार्ड उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके अखिलेश यादव द्वारा दिया गया है। यूपी सरकार का यह अवार्ड देने का मुख्य उद्देश्य ये रहा है कि इस महिला ने स्वयं सहायता समूह में कार्य करके अपने साथ 600 महिलाओं को रोजगार प्रदान किया है। साथ ही महिला ने इन सभी महिलाओं को कार्य करने के लिए एक छत के नीचे रोजगार दिया है।
‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में उत्तराखंड जिला लखीमपुर गांव की गीता देवी ने बताया कि उन्होंने 15 साल पहले घर से अचार बनाने का कार्य किया था। परिवार में गरीबी होने के चलते अचार का कार्य 10 रुपये से शुरू किया। उसके बाद अचार की बिकाई होने के बाद महिला ने कार्य 100 रुपये से शुरू कर दिया। कार्य शुरू होते होते आज महिला सालाना लाखों की कमाई पर उतर आई है। यहीं, नहीं महिला ने इस कार्य से 50 स्वयं सहायता समूह भी खोल दिए जिसमें वर्तमान में अब 600 महिलाएं उनके साथ काम करती हैं। इतनी अधिक महिलाओं को रोजगार देना और अपनी कड़ी मेहनत और लग्न से आज महिला पूरे यूपी में गीता देवी के नाम से प्रसिद्ध हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा महिला को एक लाख की नकद राशि से भी पुरस्कृत किया जा चुका है।
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बच्चे के शारीरिक विकास के लिए बांस का अचार रामवाण
स्टाल प्रभारी गीता देवी ने बताया कि बांस का अचार छोटे बच्चों के शारीरिक विकास के लिए अधिक फायदेमंद है। अगर बच्चे की उम्र ज्यादा हो रही है और शरीर उम्र के हिसाब नहीं बढ़ता है तो बांस के अचार से वह इसकी दवाई देती है। यूपी के अधिकतर बच्चों में यह बीमारी होने के चलते महिला ने कई बच्चों को भी ठीक किया है।
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