बिलासपुर। केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए शुरू की गई दिव्यांग बीमा योजना में दिव्यांगों का बीमा नहीं हो पाया। प्रदेश के दिव्यांगों को केंद्र सरकार बीमा योजना के साथ जोड़ने जा रही थी जिसके चलते हिमाचल सरकार ने सूबे के दिव्यांगों का पूरा आंकड़ा केंद्र सरकार को सौंप दिया था लेकिन आंकड़ा पहुंचने पर न ही उस योजना का कोई ब्योरा आया और न ही दिव्यांगों को बीमा योजना के साथ जोड़ा गया।
विभागीय जानकारी के अनुसार सूबे के दिव्यांगों को 3-3 लाख रुपये की बीमा योजना के साथ जोड़ने की कवायद आरंभ की गई थी जिसके चलते यह पैसा उनके परिवार को मिलना सुनिश्चित किया गया। वहीं, सूबे के हर जिला के अधिकारियों को दिव्यांगों का आंकड़ा घरद्वार जाकर एक फाइल तैयार करने के आदेश थे। इस दौरान सभी अधिकारियों ने प्रदेश की सारी रिपोर्ट तैयार करके केंद्र सरकार को जारी कर दी लेकिन अभी तक भी इस जारी रिपोर्ट का जवाब तक केंद्र सरकार से नहीं आया है।
गौरतलब है कि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को इस योजना के तहत बीमा करने का कार्यभार सौंपा गया था। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि इस कंपनी ने इस योजना के तहत बीमा कार्य करने के लिए इस कंपनी ने कुछ समय बाद मनहा कर दिया था।
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यह थी दिव्यांग बीमा योजना
दिव्यांगों को इस योजना के साथ जुड़ने के लिए सालाना 350 रुपये अदा करना था जिसमें दिव्यांगों को एक साल का 3-3 लाख रुपये का बीमा होना सुनिश्चित किया गया है ताकि दिव्यांगों की मृत्यु या फिर कोई अनहोनी घटना पर 3 लाख का कैश उनके परिवार को मिलना सुनिश्चित किया गया था।
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दिव्यांगों की रिपोर्ट केंद्र सरकार को दी है सौंप
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई दिव्यांग बीमा योजना बंद कर दी गई है। प्रदेश में लाखों दिव्यांग हैं। प्रदेश के दिव्यांगों की सारी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी गई है अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
-अमरजीत डोगरा, जिला कल्याण अधिकारी, बिलासपुर