अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। प्रदेश में सीमेंट के तीन कारखाने होने के बावजूद यहां सीमेंट अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा दामों में मिल रहा है जोकि हैरानी की बात है। जबकि होना यह चाहिए था कि राज्य में सीमेंट अन्य राज्यों की अपेक्षा कम दामों में मिलना चाहिए। ऐसा न हो पाना एक गंभीर चिंतन का विषय है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण एवं विकास मंच के अध्यक्ष केडी लखनपाल ने कहा कि जहां जिस वस्तु का उत्पादन होता है वहां वह वस्तु कम दामों में मिलनी चाहिए लेकिन सीमेंट जैसी मूलभूत निर्माण आवश्यकता के दाम आसमान छू रहे हैं जोकि आम आदमी के लिए बहुत ज्यादा है।
प्रदेश में विभिन्न नामी कंपनियों के सीमेंट बैग 365, 360, 370 रुपये हैं जबकि दिल्ली, पंजाब में 275, 250 और 285 रुपये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनावों से पहले यह मुद्दा खूब भुनाया जाता है लेकिन उसके बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। प्रदेश में जहां सीमेंट सस्ता होना चाहिए वहां महंगा मिलता है। मंच के अन्य सदस्यों ने इस बात की पैरवी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर त्वरित फैसला लेना चाहिए।
उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे अपने अपने चुनिंदा नुमाइंदों को इस बारे में कहें और अपने हकों के लिए एकजुट हो जाएं। मंच लोगों को इस बारे में जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस बारे में कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।