अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)।
घुमारवीं विस क्षेत्र की समस्याओं को लेकर ग्रामीण किसान एवं जन संघर्ष समिति घुमारवीं ने बैठक का आयोजन किया। इस मौके पर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। बैठक में यह कहा गया कि किसान अपनी समस्याओं को लेकर कई आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी समस्याओं का हल नहीं हो पाया। यही नहीं, नई सरकार ने भी अभी तक किसानों के लिए कोई बड़ा फैसला नहीं किया। बैठक के बाद संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणजीत सिंह ठाकुर, अध्यक्ष रणजीत सिंह गुलेरिया, समिति के महासचिव बृज लाल शर्मा, हिमाचल किसान यूनियन के जिला प्रधान और संघर्ष समिति के मुख्य सलाहकार सोहन सिंह पटियाल, उपाध्यक्ष बीड़ी शर्मा, सलाहकार राम प्रकाश वशिष्ठ, संत राम कौंडल, सह सचिव हेम राज शर्मा, कोषाध्यक्ष लेख राम ठाकुर, सचिव दलेल सिंह, सदस्यों में दौलत राम चंदेल, राजेंद्र कुमार जसवाल, सुंदर राम, परस राम, जोगिंद्र सिंह, अश्वनी कुमार शर्मा आदि ने कहा कि घुमारवीं विस क्षेत्र की समस्त समस्याओं को लेकर जिसमें टीसीपी एक्ट में घुमारवीं चुनाव क्षेत्र में किए गए संशोधन में 150.150 मीटर के क्षेत्र को राष्ट्रीय राजमार्ग 103 घुमानी चौक से तरघेल तक, घुमारवीं सरकाघाट सुपर हाइवे 19, बायां लुहारवीं, सिलह, कोठी, फोरलेन भगेड़ से औहर, घुमारवीं से बरठीं बायां बाड़ी कंगरोड़ा आदि राष्ट्रीय और राजमार्गों के किनारे बसे 49 गांव इस एक्ट के दायरे में आ रहे है। सभा ने मांग की है सरकार उक्त फैसले को वापस ले।
इसके अलापा घुमारवीं में डॉक्टरों का अभाव, लोगों को दूषित पानी की आपूर्ति, फसलों के बीमा करवाने के बाद भी किसानों को फसलों को पशुओं द्वारा किए गए नुकसान मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। मांग की गई कि किसानों को ऋण साधारण ब्याज चार प्रतिशत पर उपलब्ध करवाया जाए और किसानों से किसी भी प्रकार की आपदा से फसल नष्ट होना और अन्य आपदा आने पर यदि ऋण का भुगतान समय पर न हो सके तो कोई भी पैनल्टी किसानों को न लगाई जाए। किसानों से चार प्रतिशत ब्याज ही लिया जाए। ग्रीन हाउस, पॉलीहाउस और अन्य किसी भी स्कीमों के अनुदान को सीधा किसान को दिया जाए। 17 वर्षों से घुमारवीं अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन बंद पड़ी है। बैठक में फैसला लिया गया कि एक महीने में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उधर, एसडीएम घुमारवीं शशी पाल शर्मा ने कहा कि संघर्ष समिति की ओर से घुमारवीं चुनाव क्षेत्र की समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया है। इसे प्रदेश सरकार को भेज दिया जाएगा।
ये रहे मुख्य मुद्दे
-घुमारवीं विस क्षेत्र को टीसीपी एक्ट को बाहर किया जाए।
-बेसहारा पशुओं के लिए गौसदनों का प्रबंध किया जाए।
-घुमारवीं अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों का प्रबंध किया जाए।
-किसानों की भूमि का बंदोबस्त करवाना।