बिलासपुर। बिलासपुर शहर में इन दिनों लावारिस पशुओं का आतंक मचा हुआ है। इन लावारिस पशुओं के कारण लोगों व दुकानदारों का बाजार में आना भी मुश्किल हो गया है। पशु बाजार में घूमते रहते हैं जिससे यहां पर कभी भी कोई भी घटना घट सकती है। पशु कभी भी किसी भी बच्चे, महिला और बुजुर्ग पर हमला कर उसे घायल कर सकते हैं।
लावारिस बैलों का आतंक इस कदर शहर में बढ़ा हुआ है कि सांड जब भी लड़ाई करते हैं तो तीन से चार वाहनों को नुकसान पहुंचा देते हैं जिससे वाहन मालिकों को हजारों रुपये का नुकसान हो जाता है। इतना ही नहीं लावारिस सांड कई बार लड़ते-लड़ते राहगीरों को भी चपेट में ले लेते हैं। गौरतलब है कि जिले भर में इस समय लावारिस पशुओं का आतंक फैला हुआ है। लावारिस पशु लोगों पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार रहे हैं। रात को किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए पहरा देना पड़ रहा है। हालांकि यह समस्या स्वयं लोगों द्वारा ही उत्पन्न की गई है, लेकिन अब लावारिस पशुओं की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नेशनल हाईवे पर रात के समय लावारिस पशु अकसर वाहनों से टकरा जाते हैं, जिससे हादसे होते हैं। जिला में लावारिस पशुओं की बढ़ती तादात से आने वाले समय के लिए सभी के लिए खतरे की घंटी है।
उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया का कहना है कि लावारिस पशुओं की समस्या पर प्रशासन गंभीर है। गो सदनों का निर्माण किया जा रहा है। लोगों को जल्द ही लावारिस पशुओं की समस्या से निजात मिल जाएगी।
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बाजार में लावारिस पशुओं का आना बंद करवाए प्रशासन
बिलासपुर बाजार में दुकानें करने वाले व्यापारी नवीन, अजय, लवली, अरुण का कहना है कि बाजार के बीचों-बीच लावारिस पशु घूमते रहते हैं, जिससे हर समय उनके हमलों के करने का खतरा बना रहता है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को चाहिए कि बाजार के बीचोंबीच लावारिस पशुओं के प्रवेश मार्ग बंद होने चाहिए ताकि महिला, बच्चे, बुजुर्ग बिना किसी डर के बाजार के घूम सके, अन्यथा बैल कभी भी किसी पर हमला कर उन्हें घायल कर सकते हैं या फिर जान ले सकते हैं।