स्वारघाट (बिलासपुर)। आईपीएच विभाग के एक ठेकेदार पर यूनियन ने श्रमिकों से भेदभाव और शोषण करने का आरोप लगाया है। इंटक से संबंधित आल हिमाचल पीडब्ल्यूडी एंड आईपीएच कांट्रेक्चुअल वर्कर यूनियन शाखा स्वारघाट ने आरोप लगाया है कि आईपीएच उपमंडल स्वारघाट के अंतर्गत पेयजल योजनाओं को संचालित करने वाले ठेकेदार की ओर से श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। यूनियन का आरोप है कि उक्त ठेकेदार की ओर से निर्धारित नियमों को दरकिनार करके श्रमिकों से काम लिया जा रहा है।
बैठक की अध्यक्षता यूनियन प्रधान जगतार सिंह बैंस ने की। इस दौरान महासचिव नंद लाल भी मौजूद रहे। यूनियन का कहना है कि एक 15 सूत्रीय मांग पत्र प्रदेश सरकार और आईपीएच विभाग को भेजा गया है। इसमें कहा है कि स्कीमों पर रखे गए कर्मचारियों को सरकार के मापदंडों के मुताबिक वेतनमान नहीं दिया जा रहा है। पंप हाउसों में कर्मचारियों को सेफ्टी किटें नहीं दी जा रही हैं।
किसी भी वर्कर का ईपीएफ नहीं काटा जा रहा है। प्रत्येक वर्कर का श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण अनिवार्य है, जबकि इन सभी शर्तों को दरकिनार किया जा रहा है। प्रत्येक कर्मचारी को आज तक नियुक्ति पत्र भी नहीं दिया गया है। अप्रिय एवं अनहोनी घटना पर श्रमिक के आश्रितों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
यूनियन ने मांग की है कि आईपीएच के अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता और उक्त आईपीएच के ठेकेदार की यूनियन के साथ जल्द से जल्द बैठक बुलाई जाए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं किए जाने पर औद्योगिक अधिनियम 1947 के तहत कार्रवाई करने पर विवश होगी।