बिलासपुर। ग्रामीण क्षेत्र तक लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर कार्य करें ताकि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर लाभान्वित होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके। यह बात राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश ध्वाला ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मल्यावर में आयोजित 12वें जनमंच कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही।
जनमंच कार्यक्रम प्रदेश सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान उनके घरद्वार पर संभव बनाया जा रहा है ताकि उन्हें अपने कार्य को करवाने के लिए मुख्यालय के बार-बार चक्कर ना काटने पड़े।
एडीएम राजीव कुमार ने जनमंच कार्यक्रम के बारे में बताया कि 12वें जनमंच के लिए कुल 318 आवेदन पत्र प्राप्त हुए जिसमें 210 शिकायतें और 108 मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। जनमंच कार्यक्रम में कुल 184 मामलों का निपटारा किया गया। जनमंच से पूर्व 238 आवेदन पत्र अपलोड किए गए, जिसमें 148 शिकायतें तथा 90 मांगे शामिल थीं। समस्याओं के निपटारे के लिए शेष आवेदन पत्रों को संबंधित विभागों को 15 दिन के भीतर निपटारे के लिए प्रेषित कर दिया गया है।
जनमंच के दौरान कुल 210 व्यक्तियों के स्वास्थ्य की नि:शुल्क जांच की गई। आयुष्मान भारत योजना के तहत 28 कार्ड तथा 17 दिव्यांगता प्रमाण पत्र, हिम केयर 4 कार्ड जारी किए गए। इसके अतिरिक्त आयुर्वेदिक विभाग तथा होम्योपैथी विभाग द्वारा 138 लोगों के स्वास्थ्य की नि:शुल्क जांच की गई और दवाइयां वितरित की गईं। गृहिणी सुविधा योजना के तहत 109 गैस कनेक्शन, बेटी है अनमोल योजना के तहत 7 बच्चियों को 10-10 हजार रुपये की एफडी और एक बूटा बेटी के नाम योजना के तहत पौधा भेंट किया।
विधायक सुभाष ठाकुर ने कहा कि जनमंच कार्यक्रम में आम लोगों को सरकार और प्रशासन से उनकी शिकायतों और समस्याओं के समाधान की उम्मीदें और अपेक्षाएं रहती हैं। जनमंच कार्यक्रम प्रदेश सरकार का एक लोकप्रिय मंच ही नहीं बल्कि लोगों की दिक्कतों को दूर करने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म भी है।
इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, एसडीएम प्रियंका वर्मा, शशिपाल शर्मा, सीएमओ डॉ. प्रकाश चंद दडोच, कमांडेंट होमगार्ड अजय बोध, पीओ डीआरडीए संजीत सिंह, डीएफओ सरोज भाई पटेल, डीएफएसई प्रताप सिंह चौहान, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी जयगोपाल शर्मा के अतिरिक्त संबंधित पंचायतों के प्रधान व प्रतिनिधि व संबंधित पंचायतों के ग्रामीण उपस्थित रहे।