बिलासपुर। श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर डियारा सेक्टर के तहत आने वाले तीन दर्जन से अधिक दुकानों की जानकारी जिला प्रशासन के पास नहीं है। जिला प्रशासन को यह भी जानकारी नहीं है कि किस दुकानदार को कितने स्क्वेयर फुट की दुकान दी गई है और कितने दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। इस बात का खुलासा बिलासपुर जिला के एक अधिवक्ता द्वारा लगाई गई आरटीआई में हुआ। आरटीआई नंबर 08 आरटीआई/19 ऑफ 2019 में जानकारी प्राप्त हुई है कि जिला प्रशासन को अतिक्रमण सहित दुकानदारों के नाम तक पता नहीं है।
बता दें कि अधिवक्ता द्वारा लगाई गई आरटीआई में मंदिर ट्रस्ट के तहत दुकानें, कितने-कितने दायरे में दुकानदारों को दुकानें दी गई हैं और कौन-कौन दुकानदार मंदिर ट्रस्ट को किराया दे रहा है की जानकारी मांगी गई थी। ऐसे में तीन माह बाद जिला प्रशासन ने निराशाजनक उत्तर देते हुए कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
ऐसे में सवाल यह पैदा होता है कि कई दशकों पुरानी बनी इन दुकानों की कौन जानकारी प्राप्त कर रहा है। वैसे तो जिला प्रशासन हाईकोर्ट के आदेशानुसार बिलासपुर शहर में अतिक्रमण हटाने की बात कर रहा है तो दूसरी ओर जिला प्रशासन के तहत आने वाली दुकानों पर नजर रखना भी प्रशासन सजग नहीं है। ऐसे में साफ जाहिर हो रहा है कि कहीं न कहीं जिला प्रशासन की इन दुकानदारों से सांठगांठ होना भी गलत नहीं कहा जा सकता।
गौरतलब है कि बस स्टैंड के समीप बनीं दुकानों में सभी दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। प्रशासन द्वारा बनाए गए लोगों को फुटपाथ तक की सुविधा नहीं मिल रही है क्योंकि इस फुटपाथ पर दुकानदारों द्वारा अपना सामान रखा गया है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है।