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एसीसी सीमेंट फैक्टरी में बाहरी लोग कूट रहे चांदी, विस्थापित तलाश रहे रोजगार

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बरमाणा (बिलासपुर)। एसीसी सीमेंट फैक्टरी में बाहरी लोगों द्वारा लगाई गई राख की बोगियों को लेकर बरमाणा एसीसी प्रभावित एवं विस्थापित सहकारी सभा समिति एक्शन मोड़ पर आ गई है। समिति का कहना है कि बाहरी लोग यहां पर चांदी कूट रहे हैं, जबकि प्रभावित व विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं। समिति ने कहा कि जल्द ही इन बोगियों व बाहरी लोगों का घेराव किया जाएगा ताकि इन बोगियों को यहां से हटा कर विस्थापित लोगों को रोजगार मुहैया हो सके।
रविवार को बरमाणा एसीसी प्रभावित एवं विस्थापित सहकारी सभा समिति का आयोजन पंजगाईं गुग्गाघाट में समिति के महासचिव नंदलाल शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। सभा में नई कार्यकारिणी ने प्रशासन से मिले दस्तावेजों व पैसों का ब्योरा सभा के सामने रखा। प्रधान महेंद्र सिंह ने सभा से जुड़े सभी लोगों को आश्वस्त किया कि अगले तीन माह में सभा के सभी लोगों के लिए रोजगार मुहैया करवाएंगे।
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उन्होंने कहा कि पिछले सात साल से पुरानी कार्यकारिणी ने कोई भी कार्य सभा के लिए नहीं किए हैं। लेखा जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सभा को 29, 39, 462 रुपये की एफडीआर प्रशासन से मिली, जबकि एक पासबुक में 38045 रुपये हैं। लेखाजोखा का ब्योरा सुनने के बाद वहां पर उपस्थित लोगों में हलचल मच गई। लोगों का कहना था कि मेंबर का पैसा व दान को मिलाकर 2013 में सभा के खाते में 41,44000 रुपये थे। नई कार्यकारिणी ने पुरानी कार्यकारिणी के द्वारा किए गए खर्चों की सूची भी लोगों को दिखाई जिसमें होटलों, टैक्सी बिल, वकील फीस, कर्मचारियों का वेतन सहित अन्य बिलों का खर्चा साढ़े नौ लाख दिखाया गया है जिस पर लोगों ने पुरानी कार्यकारिणी पर धांधली के सवाल उठाए हैं।
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प्रधान ने भी कहा कि प्रशासन द्वारा सौंपे गए यह रिकॉर्ड मान्य नहीं है। उन्होंने अपनी कार्यकारिणी से तीन लोगों की एक कमेटी का गठन किया, जो इस सारे मामले की जांच करेगी व सात जुलाई को सभा की नई कार्यकारिणी को रिपोर्ट देगी जिसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। आम सभा में दो बातें तय की गई जिसमें तीन माह के भीतर रोजगार मुहैया करवाया जाए। उच्च न्यायालय में चल रहे केस को लेकर पांच लोगों की कमेटी का गठन किया ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके। वहीं केस को लेकर प्रधान ने कहा कि अगर जिला प्रशासन लिखित रूप में उन्हें विश्वास दिलवाता है कि वह एसीसी में उन्हें रोजगार दिलवाएंगे तो वह हाईकोर्ट से केस वापस लेने की सोचेंगे।
प्रधान ने कहा कि प्रभावित लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी उसके बाद विस्थापितों को।
इस मौके पर उपप्रधान श्याम लाल, शिव राम सांख्यान, महासचिव नंदलाल, कोषाध्यक्ष बलराम शर्मा, सुशील शर्मा, मुख्य सलाहकार गिरधारी लाल सहित अन्य उपस्थित थे।
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