अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिलासपुर के लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। जिला प्रशासन की मेहनत का नतीजा है कि वर्तमान में जिला में लिंगानुपात 1000 लड़कों के मुकाबले 1022 बेटियों तक पहुंच गया है जो कि जिला के लिए एक गौरव की बात है।
बिलासपुर उपायुक्त विवेक भाटिया ने बताया कि जिला ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत नॉर्थ जोन में प्रथम स्थान पर हैं। इसके चलते जिला प्रशासन ने इस योजना के तहत नेशनल अवार्ड के लिए भी आवेदन कर दिया है।
उपायुक्त ने बताया कि पिछले कुछ अर्से से प्रशासन की ओर से लिंगानुपात में समानता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का प्रतिफल यह है कि लोगों में लड़का-लड़की एक समान की विचारधारा पनपने लगी है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में बेहतरीन कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व पंचायतों को प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जा रहा है। इससे पहले जहां 1000 लड़कों पर 945 बेटियां थीं, लेकिन प्रशासन की ओर से चलाए गए जागरूकता अभियानों सहित मुस्कान योजना के तहत अब यह संख्या बढ़कर 1022 हो गई है जोकि जिला के लिए गौरव की बात है।