चेक बाउंस होने पर तीन माह की सजा, दो लाख हर्जाना
फर्नीचर खरीदने के लिए दिया चेक हुआ था बाउंस
नोटिस के बाद भी दोषी ने नहीं चुकाया पैसा
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। न्यायिक दंडाधिकारी घुमारवीं कोर्ट नंबर दो उपासना शर्मा की अदालत ने चेक बाउंस के दोषी को 3 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। वहीं दो लाख रुपये बतौर हर्जाना शिकायतकर्ता को देने के आदेश जारी किए हैं। दोषी ने शिकायतकर्ता को फर्नीचर खरीद की एवज में चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था।
अधिवक्ता अजय कुमार नड्डा ने बताया कि शिकायतकर्ता हरिओम अग्रवाल पुत्र आरआर अग्रवाल निवासी हरिया कुटीर शिवाजी मार्केट दुगरी रोड हरगोविंद नगर जिला जालंधर के सतवंत सिंह पुत्र दुर्गाराम निवासी सुंगल तहसील सदर बिलासपुर के साथ व्यापारिक संबंध थे।
शिकायतकर्ता खादी ग्रामोद्योग के नाम से फर्नीचर का व्यापार करता है। जिसने वर्ष 2010 में 1,09,440 का फर्नीचर दोषी को दिया। इसके भुगतान के लिए वह टालमटोल करता रहा। लेकिन बाद में दोषी ने 28 नवंबर 2014 को पीएनबी हरलोग का 1,09,440 का चेक शिकायतकर्ता को उपरोक्त फर्नीचर के भुगतान के रूप में दिया।
चेक को जब भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो पर्याप्त राशि न होने के बाउंस हो गया। जिस पर शिकायतकर्ता ने आरोपी को निर्धारित समय में देय राशि के भुगतान का नोटिस भेजा। निश्चित समय सीमा में भुगतान न करने पर शिकायतकर्ता ने स्थानीय अदालत में 2 मई 2015 को शिकायत दर्ज करवाई। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 3 माह के कारावास की सजा सुनाई और शिकायतकर्ता को दो लाख रुपये बतौर हर्जाना देने के आदेश दिए हैं।