बिलासपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम ड्राइवर्स यूनियन का कहना है कि उच्च प्रबंधन ने चालकों व परिचालकों को बंधुआ मजदूर बनाकर रखा हुआ है। अगर उच्च प्रबंधन को कर्मचारियों की समस्या से अवगत करवाया जाता है कि तबादला नीति से डराया व धमकाया जाता है।
उन्होंने कहा कि उच्च प्रबंधन ने चालकों व परिचालकों को खाना खाने के लिए भी एक बड़ा अंकुश लगा रखा है, जिस कारण चालक व परिचालक ठीक ढंग से खाना भी नहीं खा पाते हैं। उच्च प्रबंधन ने जो ढाबे खाना खाने के लिए चिह्नित किए हैं वहां पर यात्रियों से 60 रुपये प्रति थाली के हिसाब से दाम वसूले जाते हैं, जिसके कारण यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम ड्राइवर्स यूनियन के राज्य मुख्य सलाहकार राजेंद्र ठाकुर ने आरोप लगाया है कि हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन के आईपीएस अधिकारी को कर्मचारियों की समस्याओं के बारे में सोच-विचार करना चाहिए न कि गलत तरीके से कर्मचारियों को प्रताड़ित करना चाहिए। बिलासपुर इकाई के प्रधान राजकुमार गुप्ता ने कहा कि प्रबंधन को पहले चालकों व परिचालकों के पिछले साप्ताहिक अवकाश कटवाने की नीति बनाई जानी चाहिए थी। जब कर्मचारी अपने अवकाश प्रबंधन से मांगते हैं, तो प्रबंधन कम कर्मचारी होने का रोना रोता है। अगर कर्मचारियों को छुट्टी दी जाती है, तो उन्हें अगले दिन दूरभाष पर बुला लिया जाता है। लेकिन, कर्मचारी तबादला नीति से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाना पड़ेगा तो वे गुरेज नहीं करेंगे।