अमर उजाला ब्यूरो
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के तहत आने वाली सीर खड्ड में अवैध खनन का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर बिना किसी डर से रेत बजरी ढोने में लगे हैं जिससे कई पेयजल स्कीमें व सिंचाई स्कीमें खतरे में पड़ गई हैं। बेला नाम जगह पर सुबह से लेकर शाम तक ट्रैक्टर बेरोक अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं।
खनन माफिया जिस तरह अवैध खनन को अंजाम दे रहे हैं, मानो इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। इस स्थान से मात्र 8 किलोमीटर दूर पुलिस थाना भी है, लेकिन इन्हें रोकने का कोई साहस नहीं उठा रहा है। सुबह 5 बजे से अवैध खनन का काम शुरू हो जाता है और दिनभर यह सिलसिला चला रहता है।
अवैध खनन के कारण यह खड्ड अपने अस्तित्व से लड़ रही है। जगह-जगह कई फुट गहरे गड्ढे पड़ गए हैं। कई अवैध सड़कें खड्ड के लिए निकाल दी गई हैं। जगह-जगह खनन माफियाओं न अपने आदमी खड़े किए हैं जो हर गतिविधि की जानकारी अपने आकाओं को देकर बचने में कामयाब हो रहे हैं। विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते जल्द ही यह खड्ड किसी बड़ी तबाही को अंजाम दे सकती है। करीब 3 वर्ष पहले इस खड्ड ने रौद्र रूप धारण कर बड़ी तबाही को अंजाम दिया था और इस तबाही की बड़ी वजह अवैध खनन माना गया था।
समाचार पत्रों में खबर छपने के बाद कार्रवाई के नाम पर कुछ चालान काटे जाते हैं लेकिन धीरे-धीरे अवैध खनन का कारोबार फिर शुरू हो जाता है। पुलिस थाने से मात्र आठ किलोमीटर दूर बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन के खेल से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की नाक तले हो रहे इस अवैध खनन के पीछे का राज क्या है। सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए अलग-अलग करीब 17 विभागों को अधिकार दिए हैं लेकिन कोई भी विभाग इस अवैध खनन को रोकने की जहमत नहीं उठा रहा है। बेला खड्ड में हो रहे इस अवैध खनन के कारण कई पेयजल स्कीम बंद होने के कगार पर हैं जिससे आने वाले समय में पानी की बड़ी समस्या पैदा हो जाएगी। फिर भी इस ओर कोई कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
भराड़ी थाना प्रभारी अशोक कुमार ने कहा पुलिस लगातार अवैध खनन को रोकने के लिए छापेमारी कर रही है। बेला नामक जगह पर मंगलवार रात को छापेमारी की गई, लेकिन पुलिस के पहुंचते ही चालक ट्रैक्टर को लेकर भाग गए। आगे भी पुलिस लगातार छापेमारी करेगी।