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लावारिस पशुओं के आतंक से लोगों ने खेती करना छोड़ा

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लावारिस पशुओं के आतंक से लोगों ने खेती करना छोड़ा
क्षेत्र के सैकड़ों किसानों पर अब खड़ा हुआ आर्थिक संकट
लोगों की बार-बार मांग के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
झंडूता(बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों में लावारिस पशुओं के आतंक से किसानों ने खेती करना छोड़ दिया है जिस कारण क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में लावारिस पशु किसानों की पूरी की पूरी फसल चट कर रहे हैं।
हालांकि लोगों ने लावारिस पशुओं से निजात दिलाने के लिए प्रशासन और सरकार से कई बार मांग की लेकिन इसके बाद भी किसानों की समस्याओं का कोई हल नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार झंडूता विधानसभा क्षेत्र के झंडूता, बरठीं, कलोल, गेहड़वीं, मरोतन, जेजवीं, संगासवी, भड़ोलीकलां, शाहतलाई, सुनहानी, समोह, बलघाड़, ठप्पर, नखलेहड़ा, सेर, बकैन, कल्लर, अमरोआ, बेहरन, बडग़ांव, झरेडी सहित अन्य कई स्थानों पर लावारिस पशुओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है।
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लावारिस पशुओं की समस्या से कई स्थानों पर किसानों ने फसलों को बीजना बंद कर दिया है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती जा रही है। क्षेत्र के किसानों में श्याम सिंह, सुभाष वर्मा, प्रेम सिंह, ओंकार सिंह, प्रकाश चंद, सदा राम, रमेश कुमार, अरुण कुमार, राकेश कुमार, अरविंद कुमार, दिनेश कुमार, सुरजीत सिंह, मस्त राम, विपिन कुमार, अमीचंद, संजय कुमार, अजय कुमार, सुरेश कुमार, कमला देवी, विमला देवी, पुष्पा देवी, सुमन, निर्मला देवी, रीता, रीना, कमलेश सहित अन्य कई किसानों ने बताया कि क्षेत्र में दिनोंदिन लावारिस पशुओं की समस्या बढ़ती जा रही है।
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इससे किसानों की फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। कई स्थानों पर तो किसानों ने लावारिस पशुओं से तंग आकर फसल बीजना ही छोड़ दिया है। इसके कारण किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसानों ने सरकार से लावारिस पशुओं से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
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...सुभाष
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