घुमारवीं (बिलासपुर)। न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर 2 उपासना शर्मा की अदालत में चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन माह के कारावास की सजा सुनाई है। पहले मामले में अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक घुमारवीं शाखा की शिकायत पर राजेंद्र कुमार पुत्र राधकृष्ण निवासी नजदीक पुराना बस अड्डा घुमारवीं को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट की धारा 138 के तहत दोषी करार देते हुए तीन माह के कारावास व दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शिकायतकर्ता बैंक के अधिवक्ता सुमन सिंह चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि राजेंद्र कुमार ने पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से एक लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसकी अदायगी के लिए 20 अक्तूूबर 2015 को 1,08,643 रुपये का चेक दिया था। जो उसी दिन बाउंस हो गया। बैंक ने अधिवक्ता के माध्यम से 6 नवंबर 2015 को उपरोक्त राशि का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने का नोटिस दिया। इसके बावजूद दोषी ने उक्त राशि निर्धारित समय सीमा में अदा नहीं की। बैंक ने कोर्ट में शिकायत दर्ज करवाई। अदालत ने शुक्रवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन माह की सजा सुनाई और 2 लाख रुपये बतौर जुर्माना अदा करने के आदेश दिए।
वहीं एक अन्य मामले में धीरज कुमार पुत्र बलदेव दास निवासी फटोह तहसील घुमारवीं की शिकायत का निपटारा करते हुए अदालत ने आरोपी राजपाल निवासी बाला तहसील झंडूता को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी करार देते हुए तीन माह के कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये बतौर जुर्माना अदा करने के आदेश दिए। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता पवन शर्मा ने बताया कि दोषी ने शिकायतकर्ता को 25 हजार का चेक व्यवसाय के लेन देन की अदायगी के लिए 31 मार्च 2012 को दिया। लेकिन, चेक बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने वकील के माध्यम से नोटिस दिया। इसके बावजूद आरोपी ने पैसे नहीं दिए। शिकायतकर्ता ने न्यायालय में शिकायत दर्ज करवाई। इसका निपटारा करते हुए अदालत ने शुक्रवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन माह के कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये बतौर जुर्माना अदा करने के आदेश दिए।