अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
जन सूचना अधिकारी घुमारवीं से राज्य सूचना आयुक्त ने दो सप्ताह में आईटीआई के तहत सही जानकारी न देने के बारे में जबाव मांगा है। राज्य सूचना आयुक्त ने साफ किया है कि प्रार्थी के मांगे जाने के बाद भी नियम अनुसार सही सूचना क्यों नहीं दी है। इस संबंध में पूरी रिपोर्ट दो सप्ताह में दी जाए।
उल्लेखनीय है कि मौजा बागठेडू के हदबस्त नंबर 463 खसरा नंबर 145/126 पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपनी सड़क बना रखी है। इस के बारे में प्रार्थी मदन लाल शर्मा ने जन सूचना अधिकारी घुमारवीं से जानकारी मांगी थी। सूचना में मांगा गया था कि उक्त खसरा नंबर पर हिमाचल प्रदेश सरकार ने कितनी जमीन पर कब से कब्जा कर रखा है। उस जमीन का ततीमा व फील्डबुक उपलब्ध करवाई जाए। लेकिन जन सूचना अधिकारी यह सूचना देने में पिछले दो सालों से आनाकानी कर रहा था। हालांकि इसकी अपील प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं उपमंडलीय अधिकारी घुमारवीं के समक्ष कर रखी थी। उसे भी उक्त अधिकारी ने खारिज कर दिया था। उसके बाद प्रार्थी ने राज्य सूचना आयुक्त के पास नियम अनुसार अपील की थी। जिस पर राज्य सूचना आयुक्त ने अपील संख्या 0055/2016-17 दिनांक 8-8-2017 को फैसला सुनाया था कि प्रार्थी को सूचना नियम अनुसार दी जाए। आदेश के बाद भी जन सूचना अधिकारी ने प्रार्थी को सूचना मुहैया नहीं करवाई। जिसके बाद प्रार्थी ने आरटीआई की धारा 18(1) में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिस पर राज्य सूचना आयुक्त सुशील चंद्रा श्रीवास्तवा ने उक्त आदेश जारी करते हुए जन सूचना अधिकारी घुमारवीं को दो सप्ताह में सही सूचना पार्टी को क्यों नहीं दी गई, के संबंध में जवाब मांगा गया है। गौर रहे कि प्रार्थी ने इस शिकायत में जन सूचना अधिकारी घुमारवीं द्वारा सही सूचना न देने के लिए जुर्माना लगाने और उचित मुआवजा व सही सूचना मुहैया करवाने की मांग की है।