बिलासपुर। एक दिन की बारिश और आम की फसल को 10 लाख का नुकसान। जी हां, बुधवार शाम के समय शुरू हुई बारिश ने बिलासपुर के बागवानों की परेशानी अधिक बढ़ा दी है। कुछ घंटों की बारिश ने जिले में किसानों को फायदेमंद देने वाला फल बर्बाद कर दिया। अगर ऐसी ही बारिश कुछ दिन और रही तो जिले में आम की फसल लगना मुश्किल हो जाएगी।
वहीं, किसानों द्वारा लगाए गए आम के पेड़ भी पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचेगा। यह बात बागवानी उपनिदेशक बिलासपुर डॉ. विनोद शर्मा ने ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि आम का फल पूरे यौवन पर होने के चलते एक बारिश ने पूरा बर्बाद कर दिया। बागवानी विभाग ने घुमारवीं, झंडूता और सदर में लगभग 10 लाख के आम का नुकसान भी लगाया है।
विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के किसानों से सारी रिपोर्ट भी मांगी है। वहीं, विभाग की कुछ टीमों ने प्रभावित एरिया का दौरा किया है और आम की फसल का जायजा लिया है। अधिकतर फसल एक बारिश और तूफान ने बर्बाद कर दी है। गौरतलब है कि बिलासपुर जिला में किसानों को फायदे में रखने वाला आम ही एक मात्र फल है। यह फल किसानों की मेहनत को बर्बाद नहीं होने देता। वहीं, बिलासपुर में लगने वाले आम की खासियत यह है कि यह आम एक से दो साल के बाद लगता है। अगर इस साल आम लग जाता है तो अगले साल आम के लगने की संख्या कम हो जाएगी। वहीं, दो सालों के बाद फिर से आम की संख्या बढ़ जाती है। वहीं, विभाग ने इस बात को स्वीकार किया है और यहां के आम को बिलासपुर के किसानों के लिए फायदेमंद फल बताया है।
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आम को लगती है पॉउडरी मिल्डयू बीमारी
बागवानी उपनिदेशक ने बताया कि आम को लगने वाली बीमारी का नाम पॉउडरी मिल्डयू है। यह बीमारी आम की फसल को पूरी तरह से खत्म कर देती है। उन्होंने जिला के किसानों को जागरूक करते हुए कहा है कि अपनी आम की फसल में कॉर्बन डैमाजिन दवाई का छिड़काव किया जाए जिससे किसान आम की फसल का बचा सकता है।
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बारिश होती रही तो होगा अधिक नुकसान
एक दिन की बारिश और तूफान से आम की फसल को 10 लाख का नुकसान पहुंचा है। अगर ऐसी ही बारिश रही तो आम की फसल को अधिक से अधिक नुकसान पहुंच सकता है।
डॉ. विनोद शर्मा, उद्यान एवं बागवानी उपनिदेशक, बिलासपुर