बिलासपुर। स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने सोमवार को बिलासपुर अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान वह कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाखुश नजर आए।
बिलासपुर में 10 करोड़ से बनने वाले मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा (एमसीएच) भवन और घुमारवीं में बन रहे आईपीडी को लेकर विभाग के उच्च अधिकारी मंत्री के सामने सफाई देते नजर आए। मंत्री ने साफ पूछा की इतने महीने से कार्य की प्रगति क्या है? जब स्वास्थ्य मंत्री ने इसका रिकॉर्ड मांगा तो सीएमओ फाइलों को टटोलते नजर आए। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया कि बिलासपुर अस्पताल के कुछ अधिकारियों की शिकायत भी उन्हें लोगों से मिली है। उन्होंने कहा कि अधिकारी लोगों के साथ अपने व्यवहार में विनम्रता और सुधार लाएं। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को खामियों को दूर करने के आदेश दिए। स्वास्थ्य मंत्री कहा कि अधिकारी काम पूरी निष्ठा से करें ताकि लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। अगर फिर भी कोई सुधार नहीं करना चाहता तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल में चल रही डॉक्टरों की कमी को सात से दस दिनों के अंदर दूर कर दिया जाएगा। जिला अस्पताल में 12 विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जो कमी है उसे दूर कर दिया जाएगा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
लोगों की समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि रेडियोलॉजिस्ट सहित एक अन्य डॉक्टर जिनका कुछ दिन पहले तबादला हुआ है उन्हें वापस बिलासपुर लाया जाएगा, ताकि लोगों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सके।
बिलासपुर अस्पताल में वर्तमान में 270 बिस्तर, डायलिसिस, ट्रॉमा सेंटर, कैंसर यूनिट स्थापित है। लेकिन, स्टाफ की कमी के कारण आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सदर के विधायक सुभाष ठाकुर, घुमारवीं के विधायक राजेंद्र गर्ग ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री को यहां चल रही विभिन्न समस्याओं के बारे में अवगत करवाया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है।