बिलासपुर। विधानसभा चुनावों को लेकर प्रदेश में आचार संहिता लगते ही जिले में नौ सड़कों का कार्य अधर में लटक गया था। अब आचार संहिता हटने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नौ सड़कों का निर्माण करने के लिए रूपरेखा तैयार करने में जुटा था। लेकिन प्रदेश में आचार संहिता लग जाने के कारण सड़कों का कार्य अधर में लटक गया। तब इनके लिए बजट मंजूर नहीं हो पाया था। लेकिन अब आचार संहिता के हटने पर इन सड़कों के लिए बजट मंजूर हो जाएगा।
गौर रहे कि ग्रामीण क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग ने एक खाका तैयार किया है। नौ सड़कों के माध्यम से जिला के दर्जनों गांवों के लोगों को सड़क सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। लोक निर्माण विभाग ने डीपीआर भी तैयार कर ली थी। लेकिन प्रदेश में आचार संहिता लग गई। इस कारण नौ सड़कों के निर्माण के लिए बजट मंजूर नहीं हो पाया।
लोक निर्माण विभाग के एसई दारा सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नौ सड़कों की डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा था। जो आचार संहिता लगने से रुक गया था। लेकिन अब आचार संहिता के हटने से बजट का प्रावधान हो जाएगा। अब इसके टेंडर भी लग जाएंगे।
बिलासपुर शहर के लोगों के लिए पानी की समस्या को दूर करने के लिए आईपीएच ने प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी उठाकर शहर में पानी की आपूर्ति करने की योजना तैयार की है। इसके लिए विशेषज्ञों ने सर्वे भी करवा लिया है। आईपीएच ने बिलासुपर आईटीआई वाले क्षेत्र और जवली क्षेत्र में पानी के दो प्राकृतिक जलस्रोत तलाश किए हैं।
इससे पहले आईपीएच इस पूरी योजना को सिरे चढ़ पाता आचार संहिता लगने से कार्य रुक गया। अब यह कार्य आचार संहिता हटने के बाद शुरू हो जाएगा। विभाग का दावा था कि इस योजना के बनने से बिलासपुर शहर के 35 हजार लोगों के अलावा शहर में रहने वाले अन्य करीब 30 हजार लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। इस योजना पर काम शुरू करने के लिए अब विभाग को दिसंबर या जनवरी महीने तक का इंतजार करना पड़ेगा।
कोल डैम पेयजल योजना का भी जल्द होगा उद्घाटन
जिला के लोगों के लिए बनाई गई कोलडैम पेयजल योजना का भी अब जल्द उद्घाटन होने की संभावना है। क्योंकि योजना का कार्य अंतिम चरण में है। अब इस योजना का भी जल्द लोगों को लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत जिला के हजारों परिवारों को जोड़ा जाना है।