जुखाला (बिलासपुर)। सदर खंड की जुखाला पंचायत के किसान सिंचाई स्कीम होने के बावजूद बारिश पर निर्भर हैं। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण सोना उगलने वाली जमीन में किसान सूखी मिट्टी में गेहूं बीजने को मजबूर हैं। बार-बार किसानों ने विभाग से उनके खेतों तक पानी पहुंचाने की गुहार लगाई लेकिन समस्या हल नहीं हुई।
किसानों शशि पाठक, मस्तराम ठाकुर, एआर वर्मा, जानकू राम, दिलाराम, दीनानाथ, रतनलाल, राम सिंह, सोम प्रकाश, कृष्ण लाल, छोटा राम, मुकेश ने बताया कि गसौड़, नलवाड़, पदानू कोटलु, बटोली तथा धमथल आदि गांवों को 14 जून 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने लगभग दो करोड़ की सिंचाई योजना जब्बल-गसौड़ का शुभारंभ किया था। इस योजना से किसानों को आस जगी थी कि अब वह नगदी फसलें उगाकर अपनी आर्थिकी मजबूत करेंगे। लेकिन किसानों की हसरतों पर विभाग ने पानी फेर दिया। पिछले दो महीनों से सिर्फ एक गांव को ही सिंचाई सुविधा मिल पाई है। किसानों का कहना है कि एक व्यक्ति ने खुद ही अपने खेतों को पाइप जोड़ दी है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को शिकायत करने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके अलावा वहां पर 120 एचपी की दो मोटरें लगी हैं। इस कारण करोड़ों की सिंचाई योजना सफेद हाथी साबित हो रही है। किसानों ने उच्च अधिकारियों से इस स्कीम की सुध लेने की गुहार लगाई है।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंडल बिलासपुर की अधिशाषी अभियंता राकेश पराशर ने बताया कि उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है अगर ऐसी समस्या है तो इसे जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।