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महंगे प्लाट होने के कारण नहीं आए बड़े कारोबारी

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अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले में इस बार महंगाई की मार पड़ी है। प्लॉट और डोम के मेला कमेटी द्वारा इतने अधिक दाम रख दिए हैं कि कोई भी कारोबारी उन्हें खरीद नहीं पाया। यही हाल झूलों का रहा। इस बार मेला ग्राउंड में नाम मात्र के झूले ही लग पाए हैं जिससे इस बार मेले में कम रौनक होने की पूरी संभावना है। वहीं लोगों ने मेला कमेटी की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
लोगों का कहना है कि जिस प्रकार से प्लाट के रेट तय किए गए हैं उससे जहां मेला महंगा होगा। वहीं कारोबारी भी कम पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि कमेटी की ओर से अकेले डोम का रेट ही 35 लाख रुपये रखा गया था जिसके चलते अभी तक जितने भी व्यापारी डोम लगाने के लिए आए थे वह वापस चले गए हैं।
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ऐसे में नलवाड़ी मेले में डोम न लगना मेले की रौनक भी फीकी रह गई है। प्लाट की कीमत अधिक होने के चलते यहां पर व्यापारियों की संख्या पिछले साल की तुलना में कम है। झूलों की बात की जाए तो यहां पर झूले भी कम लगे हैं, क्योंकि झूलो के भी रेट महंगे होने के चलते व्यापारियों को नलवाड़ी मेला फायदेमंद नहीं दिखाई दे रहा है जिसके चलते कई व्यापारी यहां से लौट चुके हैं।
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अब मेला कमेटी का प्लाट महंगे रखने का उद्देश्य क्या रहा है इसके बारे में कहना मुश्किल हो गया है। वहीं, जब इस संदर्भ में प्रशासनिक अधिकारियों से बात की जा रही है तो वह प्लाट की तय मानक कीमत नहीं बता रहे हैं लेकिन व्यापारियों का कहना है कि रेट पिछले साल की तुलना में इस बार बहुत अधिक हैं। क्षेत्र के लोगों में प्रदीप कुमार, संतोष कुमार, मंजू गुप्ता, कांता शर्मा, विजय कुमार, अजय चंदेल सहित अन्य लोगों का कहना है कि मेला कमेटी के उदासीन रवैये के चलते इस बार मेला अपनी रंगत खो गया है।
इनसेट...
सही रेट न मिलने से नहीं लगा डोम
रेट सही न मिलने के कारण डोम नहीं लगा है। अभी तक व्यापारी आ रहे हैं, अगर प्लाट का रेट सही मिलता है तो डोम लगा दिया जाएगा।
-प्रियंका वर्मा, एसडीएम बिलासपुर
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