बिलासपुर। वृंदावनधाम से पधारे आचार्य अनंतदास जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन वासियों की रक्षा के लिए और भगवान इंद्र के मान के लिए गोवर्धन पर्वत को अपने बाएं हाथ की कनिष्क उंगली पर धारण कर सभी की रक्षा की थी और भगवान इंद्र के हार मान जाने पर गोवर्धन का अभिषेक कराया था। नगर के मोहल्ला साहूकारा के श्री सानातन धर्म मंदिर के सत्संग भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पांचवें दिन शनिवार को कथा व्यास ने गोवर्धन धारण की कथा विस्तार से सुनाई। उन्होंने पूतना वध, ऊखल बंधन आदि की कथा का वर्णन कर श्रद्वालुओं को विभोर कर दिया। उन्होंने भजन कीर्तन के माध्यम से संगत को विभेार भी किया। व्यवस्था में सुधीर कुमार, मयंक कुमार, सलोनी सिंह, मीनाक्षी अग्रवाल, महामंत्री योगेश कुमार, श्यामाधार अग्रवाल आदि शामिल रहे।