बरठीं( बिलासपुर)। जिले में जीवीके कंपनी की ओर से दी जा रही 108 और 102 एंबुलेंस सेवा ठप हो चुकी है, जहां कुछ एंबुलेंस खराबी के कारण नहीं चल पा रही है वहीं बाकी को डीजल न मिलने के कारण शनिवार को नहीं चलाया जा सका। आगे भी समस्या बरकरार है। कंपनी पर लाखों रुपये की उधारी होने के कारण पंप मालिकों ने डीजल देने से मना कर दिया है। वर्तमान में जिले में 11 एंबुलेंस 108 और 6 गाड़ियां 102 हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में कार्यरत एंबुलेंस के पहिए एक बार फिर जाम हो चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीजल न मिलने की वजह से ये गाड़ियां चलाई नहीं जा रही हैं। बरठीं की 108 एंबुलेंस लगभग दस दिनों से सिविल स्वास्थ्य केंद्र के प्रांगण में अपने ठीक होने का इंतजार कर रही है। घुमारवीं की एंबुलेंस बैटरी न होने की वजह से दस दिनों से खड़ी है, वहीं हरलोग की गाड़ी एक माह पूर्व ठीक करवाने के लिए गई थी लेकिन अभी तक वापस नहीं आ सकी है।
जिला अस्पताल की 102 एंबुलेंस बिना टायरों के एक माह से खड़ी है और झंडूता की गाड़ी तेल डलवाने के लिए गत दिवस बिलासपुर जा रही थी जो समोह के जंगल में बिना तेल के खड़ी हो गई है। जबकि अन्य गाड़ियां गत रात्रि से डीजल न मिलने की वजह से खड़ी हो चुकी हैं जिस कारण सरकार के ढुलमुल रवैये व कंपनी की मनमानी की वजह से जिले में एंबुलेंस के नाम से दी जाने वाली सुविधा ठप हो गई हैं।
एंबुलेंस यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णु कुमार सहित अन्य चालकों विजय कुमार, राजेश कुमार, रजनीश, सुनील, संजय, पंकज, प्रवीण कुमार व विजय गिल सहित अन्य सदस्यों ने कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तो कंपनी गाड़ियों की मरम्मत न करवाकर सरकार को ठगने का कार्य कर रही है। जबकि दूसरी तरफ प्रदेश के मरीजों को दी जाने वाली 108 व 102 सुविधा नाममात्र की रह चुकी है। उन्होंने बताया कि यूनियन लगातार सरकार के ध्यान में कंपनी की मनमानी व गाड़ियों में पाई जाने वाली कमियों को सामने ला रही है लेकिन हालत जस के तस बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिला की सभी एंबुलेंस बिना तेल के खड़ी हो चुकी हैं जिस कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि कंपनी द्वारा पेट्रोल पंप मालिकों का लाखों उधार हो चुका है जिस कारण उन्होंने गाड़ियों में तेल डालने से मना कर दिया है।
ऐसी कोताही सहन नहीं होगी : स्वास्थ्य मंत्री
उधर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कंपनी को दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि वह सेवाएं नहीं दे सकती है तो प्रदेश से बाहर चली जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह अपनी सेवाएं दुरुस्त नहीं करती है तो जल्द ही नई कंपनी को सेवाएं देने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि ऐसी कोताही सहन नहीं होगी।