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पोल लगाने वाली कंपनी पर एफआईआर दर्ज

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अमर उजाला ब्यूरो
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बरठीं(बिलासपुर)। विद्या टेलिलिंकस लिमिटेड कंपनी को सड़क किनारे खंभों को लगाना महंगा पड़ गया। कुजैल गांव के लोगों ने बिना अनुमति के खंभे लगाने पर झंडूता थाना में एफआईआर दर्ज करवा दी है जिस पर पुलिस अब छानबीन कर रही है। इस मामले में कोर्ट ने भी सड़क निर्माण पर रोक लगा रखी है।
उल्लेखनीय है कि पनौल झंडूता वाया कुजैल सड़क चार दशक पहले बनी थी। सड़क निकालने की एवज में तत्कालीन अधिकारियों ने लोगों से वायदा किया था कि उनको उनकी जमीन का पूरा मुआवजा मिलेगा। लोगों ने सड़क निकालने में सहयोग किया लेकिन अभी तक मुआवजा न दिए जाने पर ग्रामीणों ने 2013 में लोक निर्माण विभाग व सरकार पर याचिका दायर कर दी कि यह सड़क अभी तक लोक निर्माण विभाग के नाम पर नहीं है फिर भी लोक निर्माण विभाग जबरदस्ती सड़क का कार्य करने पर उतारू है।
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ग्रामीणों ने न्यायालय से सड़क पर कोई भी कार्य नहीं करने की अनुमति ले ली है। जबकि हाल ही में विद्या टेलिलिंकस लिमिटेड कंपनी की ओर से सड़क किनारे खंभे लगाए जा रहे हैं जो कुजैल गांव में भी लगाए गए। ग्रामीणों ने जब उनसे अनुमति पत्र की मांग की तो उन्होंने लोक निर्माण विभाग की ओर से अनुमति पत्र प्रेषित किया जिसमें कंपनी ने विभाग को डिमांड ड्राफ्ट नंबर 648153 दिनांक 9 मार्च 18 के तहत 10,24,194 रुपये सड़क में खंभे लगाने के लिए दिए हैं।
पत्र में यह खंभेे सुन्हाणी पुल,, सुन्हाणी से कोटलू, सुन्हाणी-सेर, जोल, शाहतलाई दयोटसिद्ध में लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों में अमृत लाल एंड कंपनी ने इनको गलत ठहराते हुए आरटीआई के तहत सूचना प्राप्त की कि कंपनी को किस कानून के तहत गांव कुजैल में खंभे लगाने की अनुमति प्रदान की गई।
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इससे खुलासा हुआ कि बरोहा-सुन्हाणी सड़क पर एयरटेल कंपनी को खंभे लगाने के लिए अनुमति प्रदान नहीं की है। अमृत लाल ने सूचना मिलते ही झंडूता थाना में एयरटेल कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है कि बिना अनुमति के स्टे वाली सड़क पर खंभे कैसे लगा दिए गए। थाना झंडूता के प्रभारी रामदास ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है।
 
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