बिलासपुर। जिले में डेंगू के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार को भी बिलासपुर शहर में चार नए डेंगू के मामले सामने आए। इनका उपचार जिला अस्पताल में शुरू कर दिया गया है। पिछले कुछ दिनों में शहर में डेंगू के 24 मामले दर्ज सामने आ चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। लोगों को घरद्वार जाकर जागरूक किया जा रहा है। इसकी पुष्टि एमओएच डॉ. परविंद्र ने की है।
शहर के वार्ड नंबर 8, 9 और पांच में सबसे अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं। डेंगू एक जानलेवा रोग है। अगर समय पर इसका उपचार न किया जाए तो इस बीमारी के कारण लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ सकता है।
एमओएस डॉ. परविंद्र का कहना है कि शहर में अभी तक 24 मामले डेंगू के सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया हुआ है। शहर के तीन वार्डों में सबसे अधिक डेंगू के मामले सामने आए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बुखार आने पर डॉक्टर के पास जाकर उपचार करवाएं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की सलाह के बगैर उपचार जानलेवा भी हो सकता है।
डॉ. परविंद्र ने लोगों को सलाह दी है कि अपने घरों के आसपास पानी खड़ा न होने दें। कूलर को सप्ताह में कम से कम दो बार साफ करें और पूरी तरह सुखाने के बाद भी उसमें पानी डालें। अगर कहीं लंबे समय से पानी जमा हो तो उसे मिट्टी में डालें, ताकि डेंगू का मच्छर पैदा न हो सके। डेंगू का मच्छर सुबह 7 से 10 बजे के बीच काटता है। जबकि शाम को तीन बजे से लेकर सूर्य अस्त होने से पहले तक काटता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि उक्त समय घर में ऑलआउट के अलावा आडोमौस का प्रयोग करें। वहीं घरों के आसपास सप्ताह में दो बार स्पे करें।