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प्रशासन के साथ दो घंटे चली ट्रक ऑपरेटरों की बैठक रही बेनतीजा

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बेनतीजा रही प्रशासन के साथ दो घंटे चली ट्रक ऑपरेटरों की बैठक
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ऑपरेटरों ने प्रशासन से उठाई एक्सल लोड बढ़ाने की मांग
पांच दिन से चल रही हड़ताल से ऑपरेटरों को आठ करोड़ का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। एक्सल लोड बढ़ाने की मांग और मालभाड़े में बढ़ोतरी की मांग को लेकर शनिवार को प्रशासन के साथ हुई ऑपरेटरों की बैठक बेनतीजा रही। इस मौके पर अल्ट्राटेक कंपनी की ओर से अधिकारी भी मौजूद रहे, लेकिन कोई भी नतीजा नहीं निकला। पांच दिन से चल रही हड़ताल को ऑपरेटरों ने अब आगे के लिए बढ़ा दिया है। अभी तक पांच दिन में ऑपरेटरों को करीब आठ करोड़ का नुकसान हो चुका है। एक्सल लोड बढ़ाने और मालभाड़े की मांग को लेकर दो सभाओं के ऑपरेटर एकजुट हो गए हैं।
ऑपरेटर यूनियन महासचिव दौलत सिंह ठाकुर ने बताया कि कंपनी ने नौ टन से 12 टन का एक्सल लोड करने पर 50 प्रतिशत भाड़ा कम करने की मांग की है। कंपनी का कहना है कि वह नौ टन पर पुराने वाला किराया ही ऑपरेटरों को देगी, लेकिन तीन टन पर वह 50 प्रतिशत किराया कर देगी। इस पर ऑपरेटरों ने अपनी आपत्ति जाहिर की है। ऑपरेटर बैठक में 12 टन तक किसी भी तरह की छूट भाड़े में न देने पर उड़े रहे। इसके चलते दो घंटे चली बैठक बेनतीजा रही। इस पर एडीएम बिलासपुर ने सोलन जिला प्रशासन से भी बातचीत करने का आश्वासन दिया, जबकि अगले सप्ताह जल्द ही दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा ऑपरेटरों के साथ कंपनी की वार्ता होगी, लेकिन महासचिव ने बताया कि ऑपरेटरों ने नतीजा नहीं आने तक ट्रकों की हड़ताल को वैसे ही रखने का निर्णय लिया है।
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बैठक में कंपनी की ओर से लोजेस्टिक हेड प्रविंद्र सिंह, आवासीय प्रबंधक प्रदीप आहलूवालिया, परिवहन प्रबंधक वेद प्रकश शुक्ला, दी बिलासपुर जेपी उद्योग विस्थापित एवं प्रभावित परिवहन सरकारी सभा खारसी के चैरयमेन महेंद्र सिंह ठाकुर, प्रधान परमानंद ठाकुर, सदस्य परसराम ठाकुर, हंसराज शर्मा, धर्मपाल ठाकुर मौजूद रहे। जबकि कोहिनूर परिवहन सभा रानीकोटला के प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर, उप-प्रधान मान सिंह ठाकुर मौजूद थे।

रोजाना हो रहा डेढ़ करोड़ का नुकसान
हड़ताल पर जाने से ऑपरेटरों को रोजाना डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इस समय करीब 3500 ट्रक सड़कों पर खड़े हैं। पांच दिन से चल रही हड़ताल से अभी तक आठ करोड़ रुपये का नुकसान ऑपरेटरों को हो चुका है। ऑपरेटरों का कहना है कि कंपनी को 12 टन का पूरा मालभाड़े का किराया देने में कोई आर्थिक नुकसान नहीं हो रहा है। उल्टा इससे 25 प्रतिशत वाहन सड़कों पर कम चलेंगे, जिससे प्रदूषण कम होगा, जाम की समस्या से निजात मिलेगी, जबकि सड़क हादसों में भी कमी आएगी।
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यह है केंद्र सरकार की अधिसूचना
छह टायर वाले वाहनों की भार क्षमता 16,200 से 18,500 किलोग्राम, 10 टायरों वाले वाहनों की क्षमता 25000 से 28000, 14 टायर वाले वाहन की क्षमता 37000 से 42000, 18 टायर वाले की 40,200 से 48000 और 22 टायर वाले की 49000 से बढ़ाकर 55000 किलोग्राम कर दी गई है।
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