बिलासपुर। सोलन जिला के दाड़लाघाट से लेकर ब्रह्मपुखर तक उखड़ी सड़क की टारिंग को लेकर एनएचएआई सभी सर्विस स्टेशनों व कुछ होटलों को नोटिस थमाने जा रहा है। नोटिस में इन सभी से शिमला-धर्मशाला हाईवे पर पानी फेंकने के लिए कारण बताओ नोटिस व जो सड़क इनके पानी फेंकने से खराब और टूट-फूट चुकी है, उसका मुआवजा भी मांगा जाएगा। आने वाले दो या तीन दिनों में सभी को एनएचएआई की ओर से नोटिस जारी कर दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि दाड़लाघाट से लेकर ब्रह्मपुखर तक शिमला-धर्मशाला हाईवे पूरी तरह से टूट चुका है। कई जगहों पर हाईवे इस कदर खस्ताहाल है कि वाहनों के पुर्जे तक टूट जाते हैं। जबकि आए दिन कोई न कोई हादसा इस खस्ताहाल हाईवे पर होता रहता है। ऐसे में शिमला से मनाली जाने वाले पर्यटकों को भी खस्ताहाल हो चुके नेशनल हाईवे की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि तारकोल पर पानी फेंकना सही नहीं हैं, क्योंकि पानी के फेंकने से तारकोल उखड़ जाती है और सड़क खराब हो जाती है। अधिकारियों का कहना है कि जब इस संदर्भ में सर्विस स्टेशनों व होटल संचालकों से मना की जाती है कि वह सड़क पर पानी न फेंके तो वह लड़ाई-झगड़ेे पर आमादा हो जाते हैं जिसके चलते इन्हें नोटिस भेजने का फैसला लिया गया है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक वाईए राउत का कहना है कि दो से तीन दिनों के भीतर इन्हें नोटिस निकाले जाएंगे। जबकि जहां पर सर्विस स्टेशनों व होटलों के सामने सड़क खराब हुई है। इस संबंध में नोटिस से उनसे सड़क की डैमेज का मुआवजा भी मांगा जाएगा। इसके बाद कानूनी कार्रवाई भी अमल लाई जाएगी।
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