बिलासपुर (रामपुर)। अपने हक के लिए सजग हुए क्षेत्र के किसानों ने एक प्लेटफार्म पर एकत्र होकर शोषण करने वालों से कानूनन लड़ाई लडने के लिए आठ सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया है, जिसका संयोजक गन्ना समिति चेयरमैन अमरजीत सिंह ढिल्लो को चुना है। अब कमेटी 13 सितंबर को किसानों की विशाल बैठक करके महत्वपूर्ण निर्णय लेगी।
क्षेत्र के जिम्मेदार किसानों की एक पंचायत नगर की शिवबाग मंडी में ग्राम प्रधान पति प्रीतम सिंह बाबा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें गन्ना समिति चेयरमैन अमरजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि किसान काफी लागत लगाने के बाद अपनी फसल को तैयार करता है, मगर जब वह फसल को लेकर मंडी व आढ़तों पर पहुंचता है तो उपज की बिक्री के दौरान किसानों के साथ हर स्तर पर शोषण किया जाता है। किसानों से प्रति बोरी एक किलो अनाज का कर्दा काटा जाता है और प्रति ट्राली तीस किलो की काटौती की जाती है तथा व्यापारियों द्वारा भी किसान को नगद भुगतान एक प्रतिशत काटौती करके दिया जाता हैै, जिसके प्रति सरकार पूरी तरह से मौन है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि वह किसानों की आमदानी वह बढ़ा रही हैं, मगर किसानों का शोषण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी नहंीं की जाती है। सभी किसानों ने तय किया है कि वह इस बार धान की फसल में अपना शोषण किसी भी हालत में नहीं होने देंगे।
किसानों ने सर्वसम्मति से उप्र किसान संघर्ष समिति का गठन किया, जिसका संयोजक गन्ना समिति चेयरमैन अमर जीत सिंह को चुन लिया गया। समिति में सुखविंद्र सिंह चीमा, बाबा प्रीतम सिंह, जगजीत सिंह गिल, मोहम्मद हसन, शिवदेव सिंह, फरीद अहमद, राकेश गंगवार को शामिल किया गया। तय हुआ कि सभी किसान एकजुट होकर अपने शोषण का विरोध करेंगे और 13 सितंबर को नवीन मंडी में विशाल बैठक की जाएगी, जिसमें अधिकारी भी मौजूद रहेंगे और किसानों के हितों में महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। पंचायत में तराई सिख महासभा जिलाध्यक्ष शिवदेव सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी वीर सिंह बिर्क, लड्डन, जगजीत सिंह गिल, सुखविंद्र सिंह चीमा, हाजी अताउर्रहमान, गुच्छन खां, राधेश्याम लोधी, प्रीतम सिंह, हीरा सिंह, गुलजार सिंह, सुरेंद्र सिंह ढिल्लो, गुरजीत सिंह, नजीर खां, दिलीप सिंह, आरिफ खां, जगजीत सिंह गिल, नृपजीत सिंह, लाल सिंह यादव, रणदीप सिंह आदि विचार व्यक्त किए। संचालन वेदप्रकाश गंगवार ने किया।