अमर उजाला ब्यूरो
जामली (बिलासपुर)। मार्केट फीस से बचने के लिए सेब व्यापारी सेब को हिमाचल से बाहर निकालने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। अब तो व्यापारी सेब की जगह टमाटर की बिलटी कटवा कर चेक पोस्ट पर कार्यरत कर्मचारियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं चालकों को मालिक कह रहे हैं कि वह सेब की जगह टमाटर की जीआर चेकिंग करने पर दिखाएं ताकि मार्केट फीस से बचा जा सके। जबकि पिछले सीजन में भी जामली स्थित एपीएमसी की चेक पोस्ट से 50 करोड़ का सेब बिना मार्केट फीस के बाहर ले जाते हुआ पकड़ा था। इससे सरकार को लाखों का चूना लग रहा है।
ऐसा ही एक मामला सामने आया जब राष्ट्रीय राजमार्ग चंडीगढ़-मनाली पर जामली के पास स्थित एपीएमसी की चेक पोस्ट में जब एक जीप को चेकिंग के लिए रोका गया और उससे गाड़ी के कागज दिखाने को कहा गया। जब उसने कागज दिखाए तो उसमें टमाटर से लोड गाड़ी के बारे में लिखा हुआ था लेकिन जब चेक पोस्ट में तैनात कर्मचारियों ने जीप की तलाशी ली तो उसके अंदर सेब की 97 पेटियां थीं।
जब चेक पोस्ट प्रभारी ने चालक से पूछा कि गाड़ी में सेब है तो चालक दूसरी जीआर ले आया जो सेब की बनी हुई थी। चालक ने बताया कि मालिक ने उसे दो जीआर दी थी, लेकिन मालिक ने कहा था कि कृषि उपज मंडी चेक पोस्ट पर टमाटर की ही जीआर देनी है। जब प्रभारी की ओर से मालिक से इस संदर्भ में बात की गई तो वह कुछ नहीं बता सका। इस दौरान मौके पर ही तीन रुपये प्रति पेटी और अन्य शुल्क के हिसाब से तीन हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। इसके बाद गाड़ी का नंबर नोट उसे भेज दिया गया।
कृषि मंडी चेक पोस्ट जामली प्रभारी नंद लाल सैनी ने बताया कि कुछ ट्रक और जीप चालक होशियारी दिखाते हुए भाग जाते हैं। जो चालक मार्केट फीस बचाने के लिए जीआर में धांधली कर रहे हैं उनकी गाड़ियों के नंबर नोट किए जा रहे हैं।