नेत्र वार्ड के साथ बनाए डैड स्टॉक को हटाया जाए
डॉक्टर नहीं लिख रहे अस्पताल स्टोर में पड़ी दवाइयां : बंबर
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिलासपुर अस्पताल में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं जबकि आलम यह है कि कांग्रेस शासन में दो करोड़ रुपये की दवाइयां अस्पताल स्टोर में भेजी गईं, जिन्हें डॉक्टरों द्वारा मरीजों की पर्चियों पर नहीं लिखा जा रहा।
पूर्व सदर विधायक बंबर ठाकुर का कहना है कि अस्पताल परिसर में दवाइयों की निजी दुकानें भाजपा के एक नेता व अन्य नेताओं के रिश्तेदारों की हैं। मरीजों को इन निजी दुकानों से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। परिणामस्वरूप लाखों रुपये की दवाइयां अस्पताल के स्टोर में एक्सपायर होकर बेकार हो गई हैं।
बंबर ठाकुर ने पूछा कि सदर विधायक बताएं कि क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के चिकित्सक मरीजों को अस्पताल के स्टोर में उपलब्ध दवाइयों को क्यों नहीं लिख रहे? क्यों मरीजों को बाहर की दवाइयां लेने पर मजबूर किया जा रहा है? क्यों लाखों रुपये की दवाइयां नष्ट करनी पड़ी? नेत्र वार्ड के साथ ही डैड स्टॉक का कबाड़ किसके आदेशों पर बनाया गया? मैटर्न व चिकित्सा अधीक्षक को किसने इजाजत दी कि अत्यंत नाजुक माने जाने वाले नेत्र वार्ड के साथ डैड स्टॉक बनाया जाए? क्या वर्तमान विधायक को इस बात का ज्ञान नहीं है? क्या यह डैड स्टॉक कई संक्रमण व डेंगू जैसी बीमारियों के फैलाव का कारण नहीं बन सकता? उन्होंने मांग की कि वर्तमान विधायक इन बातों पर तुरंत संज्ञान लेकर मैटर्न के खिलाफ कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि लगता है कि विधायक को इन मामलों की चिंता नहीं है और न ही ज्ञान है। आज तक विधायक ने अस्पताल का औचक निरीक्षण तक नहीं किया। उन्होंने मांग की कि नेत्र वार्ड के साथ बनाए डैड स्टॉक को हटाया जाए। मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए अन्यथा चिकित्सा अधीक्षक व सीएमओ का घेराव किया जाएगा।
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....खेमराज शर्मा।