अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रधानाचार्य एवं निरीक्षक संघ के प्रधान अनिल नाग ने पूर्व सैनिकों की वरिष्ठता सूची के पुनर्निर्धारण के लिए सरकार का आभार प्रकट किया है।
इसके साथ ही संघ ने मांग की है कि जब वरिष्ठता सूची को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से असंवैधानिक करार दिया गया है तो इस वरिष्ठता सूची का निर्धारण वर्ष 1997 से किया जाए।
संघ के संरक्षक जोगिंद्र सिंह राव, प्रदेश सचिव डीआर प्रेमी, सलाहकार विनोद चौधरी, अमरनाथ राणा, राज कुमार, सुरेश धीमान ने कहा कि स्कूल प्रधानाचार्य एवं निरीक्षण संघ और स्कूल प्रवक्ता संघ पिछले 20 वर्ष से प्रदेश उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में संघर्षरत रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि कार्मिक विभाग की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुसार वरिष्ठता सूची का निर्धारण वर्ष 1997 से करके जल्दी इनकी समीक्षा की जानी चाहिए ताकि वंचित वर्ग को लाभ मिल सके।
अस्थायी पदों पर कार्यरत प्रधानाचार्यों को भी स्थायी किया जाए ताकि लंबे समय से वंचित इस वर्ग को भी आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके। संघ का मानना है कि इस समीक्षा व पदोन्नति से जहां प्राध्यापकों व प्रधानाचार्यों को राहत मिलेगी वहीं विभाग को अनुभवी प्रधानाचार्य व अधिकारियों की सेवाएं लेकर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार आएगा।