बिलासपुर। लोक निर्माण विभाग के अंडर सेक्रेटरी (प्रथम अपीलीय अधिकारी) ने एनएचएआई के निदेशक को 15 दिन में अवैध डंपिंग पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि प्रार्थी को बताया जाए कि गोबिंदसागर में हो रही मक डंपिंग पर अभी तक क्या कार्रवाई की गई?
उल्लेखनीय है कि फोरलेन प्रभावित सीताराम ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखा था कि गोबिंदसागर झील में अवैध डंपिंग हो रही है। इसके बाद पीएमओ कार्यालय ने जन शिकायत निवारण विभाग को इस मामले में कार्रवाई करने के बारे लिखा। इसके बाद शिकायत उप सचिव मत्स्य विभाग के पास पहुंची। मत्स्य विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर लोनिवि को सूचना दी।
इसके बाद फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने लोनिवि को एक शिकायत की। इसमें पूछा गया कि अब तक मत्स्य विभाग से मिली रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई की? जवाब मिला कि शिकायत विभाग को मिली ही नहीं। इसके बाद समिति ने इस संबंध में अंडर सेक्रेटरी (प्रथम अपीलीय अधिकारी) के समक्ष अपील की। जिस पर सुनवाई करते हुए उन्होंने परियोजना निदेशक एनएचएआई को आदेश दिए कि प्रार्थी को इस संबंध में पूरी जानकारी 15 दिनों के अंदर दें। यह आदेश अपील 1/2017 तारीख फैसला 17 अप्रैल 2018 के तहत दिया गया है।
गौर रहे कि फोरलेन निर्माण के दौरान गोबिंदसागर झील में मक डंपिंग के कारण हुए नुकसान की भरपाई 20 दिनों में करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा अवैध रूप से नदी-नालों में डाली मिट्टी को भी हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं मछुआरों को जाल और कश्तियां देने को भी कहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट भी 20 दिनों में एसडीएम कार्यालय को देनी होगी।