अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर/शाहतलाई।
जिला में दो दिन से हो रही बारिश ने लोगों को ठंड का एहसास करवा दिया है। लेकिन बारिश ने किसानों को भी संजीवनी दे दी है। बारिश से गेहूं की पैदावार में इजाफा होने की संभावना बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि बारिश किसी सौगात से कम नहीं हैं। किसानों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती है। सोमवार देर शाम तक बारिश लगी रही। जिससे जिला में ठंड बढ़ गई है।
तीन माह से ज्यादा समय से बारिश न होने के कारण गेहूं की सूखे में बोई हुई फसल का अधिकतर नुकसान तो हो चुका है। जिला के अधिकतर क्षेत्रों के लोगों को सिंचाई की सुविधा न होने के कारण इंद्र देव की कृपा के ऊपर ही निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन अब बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
गेहूं के लिए बारिश रामबाण साबित होगी। गेहूं की फसल के उगने के पूरे आसार बन गए हैं। बारिश चारे के लिए भी लाभकारी होगी। बारिश न होने के कारण सड़कों के किनारे जमी धूल मिट्टी से लोगों के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही थी। यही नहीं सर्दियों में शुष्क ठंड से कई बीमारियों को आमजन के लिए परेशानी बनी हुई थी। अब हुई बारिश से इन समस्या से भी छुटकारा मिल सकेगा।
किसान रामकुमार कालिया दसलेहड़ा, भगतपुर से मनिंद्र सिंह, प्रकाश चंद, ओंकार शर्मा, पवन बनियाल, नघयार से जगदीश शर्मा, राज कुमार, शाहतलाई से रणजीत ठाकुर व नानक चंद का कहना है कि समय पर बारिश के न होने से गेहूं की पैदावार पर पड़ने वाला असर काफी हद तक कम होगा। बारिश बागवानों के लिए भी लाभप्रद रहेगी। सूखे के कारण नदियों का जलस्तर भी कम हो गया था। इससे कई पेयजल योजनाएं भी प्रभावित होना शुरू हो गई थी। लेकिन अब बारिश से क्षेत्र की नदियों का जलस्तर बढ़ने से गर्मियों में पेयजल योजनाओं को भी लाभ रहेगा।
कृषि विभाग के उप-निदेशक डीएस पंत का कहना है कि बारिश सभी फसलों के लिए लाभप्रद है। जिन किसानों ने अभी तक फसल कि बिजाई नहीं की है वे अब गेहूं की बिजाई भी कर सकते हैं।