अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। नगर परिषद क्षेत्र बिलासपुर में पिछले कुछ दिनों से पावर ग्रिड की ओर से जगह-जगह दो तरह के प्लास्टिक के कूड़ेदान लगाए गए हैं। इनमें बाकायदा सदर विधायक सुभाष ठाकुर का नाम भी लिखा गया है लेकिन हैरान करने वाला विषय तो यह है कि नगर परिषद को यह पता ही नहीं कि यह कूड़ेदान कब और किसने लगवा दिए। अब जल्द ही नगर परिषद वार्ड मेंबरों की बैठक बुलाने जा रहा है, जिसमें इन कूड़ेदानों पर आगामी फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि बिलासपुर शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने की सुविधा नगर परिषद लोगों को मुहैया करवा रहा है। रोजाना सुबह कचरा उठाने वाली गाड़ियां बिलासपुर शहर में लोगों के घर-घर से कचरा उठाकर डंपिंग साइट ले जाती है। इससे शहर तो साफ हो गया था, वहीं दूसरी ओर कूड़ेदानों के पास लगने वाले जानवरों के जमावड़े से भी लोगों को राहत मिल गई थी लेकिन अब दोबारा से पिछले कुछ दिनों के अंदर शहर में पावर ग्रिड की ओर से सदर विधायक सुभाष ठाकुर के नाम से लिखित दो तरह के प्लास्टिक के डस्टबिन लगाए गए हैं। इसमें एक में सुखा व दूसरे में गीला कचरा डालने को लेकर लिखा गया है लेकिन इन डस्टबिनों को अब आवारा पशु तोड़ रहे हैं, जिससे पूरा का पूरा कचरा बाहर खुले में फैल रहा है।
जबकि लोग भी कचरे को बाहर की फेंक रहे हैं। ऐसे में अब सवाल यह है कि आखिर इन कूड़ेदानों को शहर में लगाने का क्या औचित्य रहा होगा?, क्यों नगर परिषद को इस बारे में नहीं बताया गया? जब डोर-टू-डोर कचरा उठाने की सुविधा नगर परिषद पहले ही दे रहा है, तो इन प्लास्टिक के कूड़ेदानों को यहां पर क्यों लगाया गया है। ऐसे में एक बार दोबारा से लावारिस जानवरों का लोगों पर हमला बढ़ जाएगा।
इस बारे में नगर परिषद की अध्यक्षा सोमा देवी का कहना है कि उन्हें नहीं पता की यह प्लास्टिक के कूड़ेदान यहां पर क्यों लगाए गए हैं। जल्द ही पार्षदों की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद आगामी योजना तैयार की जाएगी।