दरअसल अस्पताल के गेट पर ‘कुछ विवश परिस्थितियों के कारण भोटा चैरिटेबल अस्पताल 1 दिसंबर 2024 से बंद हो जाएगा। मरीजों से अनुरोध है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार अन्य अस्पताल से इलाज लें’, लिखा पोस्टर चस्पा किया गया है। अस्पताल बंद होने की सूचना से आक्रोशित हुए लोग सोमवार को अस्पताल के गेट पर पहुंच गए। लोगों ने सरकार से मांग उठाई कि राधास्वामी सत्संग ब्यास प्रबंधन की मांग को पूरा किया जाए। उपायुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर दिया है।
जमीन से जुड़ा है अस्पताल के मूल मामला
भोटा स्थित इस अस्पताल का संचालन राधा स्वामी सत्संग ब्यास कर रहा है। संस्था अस्पताल की भूमि को अपनी ही अन्य सोयायटी महाराज जगत सिंह रिलीफ सोसायटी के नाम हस्तांतरित करने की मांग कर रही है, ताकि अस्पताल में सुविधाओं को अपग्रेड करने में मशीनरी और अन्य उपकरणों की खरीद में जीएसटी से छूट मिल सके। यह मामला प्रदेश सरकार के कानून विभाग के पास लंबित है। इसमें हिमाचल प्रदेश सीलिंग ऑन लैंड होल्डिंग एक्ट आड़े आ रहा है, जिसमें धारा 118 की अनुमति भी जरूरी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने अध्यादेश लाने की कही है बात
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बीते दिन अध्यादेश लाने की बात कही है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि राधा स्वामी सत्संग जैसी संस्थाएं लोगों की सेवाएं कर रही हैं। इस संबंध में अगर कोई प्रावधान किया जा सकता है तो इस पर सभी विधि पहलुओं पर विचार करेंगे। शीतकालीन सत्र में इस पर विचार-मंत्रणा की जाएगी और अगर कानून में कोई बदलाव करना पड़ा तो उसे भी करेंगे।