उन्होंने कहा कि छोटी उम्र के अनुभव बड़े होते हैं। उन्होंने आईटीआई की प्रशिक्षु छात्राओं से कहा कि असफलताओं से हार नहीं माननी चाहिए, क्योंकि बहुत कम लोग ऐसे हैं, जिन्हें फेल हुए बिना सफलता हासिल हुई हो। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि लड़कियां अभी से अपना एक लक्ष्य लेकर चलें कि भविष्य में क्या करना है। अगर लक्ष्य निर्धारित नहीं करेंगे तो भविष्य में कुछ नहीं कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें स्वयं निर्णय लेना होगा। इसकी शुरुआत उन्हें अपने आप से करनी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु छात्राओं को फेसबुक और व्हाट्सएप से बाहर आने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जब भी किसी सोशल मीडिया अकाउंट बनाएं तो उसमें अपनी सही जानकारी कभी भी न डालें। इसके अलावा किसी से भी अपना ओटीपी और पिन नंबर शेयर न करें। इस दौरान उन्होंने अपने स्कूली जीवन से लेकर आईपीएस तक के सफर को भी उपस्थित प्रशिक्षु छात्राओं के साथ साझा किया। इस दौरान आईटीआई के अनुदेशक अरुण कुमार ने बखूबी मंच का संचालन किया, जबकि कार्यक्रम आईटीआई का अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।