मुख्यमंत्री आगे कहते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में आज गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में हम किस स्थान पर पहुंच गए हैं, उसमें भी सुधार हो सके, इस दृष्टि से मैं आप सब लोगों का सहयोग भी चाहता हूं और प्यारे बच्चों से यह भी कहना चाहता हूं कि आज के दिन जो आप आए हैं आप भविष्य की युवा पीढ़ी हैं। आप बच्चों को जब आप घर में बात करते हैं तो इन सब चीजों से अवगत होना चाहिए और आस पड़ोस के बच्चे जो आपके संपर्क में रहते हैं उनको भी अवगत करवाना चाहिए। जब कभी भी आप अपने गांव में जाएं तो एड्स संबंधी सारी जानकारी आप अपने सहयोगियों से, अपने दोस्तों से और गांव में रहने वाले जो युवा साथी है वह उनसे भी जरूर शेयर करें एचआईवी की बात करें तो प्रदेश में एचआईवी जागरूकता जांच, दवाएं समान रूप से सभी लक्षित टार्गेटेड व्यक्तियों को प्रदान की जा रही है। हमने लगभग 8 लाख व्यक्तियों तक गांव शहर में एचआईवी रोकथाम की जानकारी अगस्त से अक्तूबर दो हज़ार 24 तक पहुंचाई है। प्रदेश में कुल 55 जांच एवं सलाह केंद्रों एवं दो जांच भवनों द्वारा मुफ्त एचआईवी जांच की जा रही है। वहीं, एचआईवी जांच को लोगों तक पहुंचाने के लिए 234 जांच शिविर भी शहर एवं गांव में जनवरी 2 हज़ार 23 से 2 हज़ार 24 के दौरान लगाए। इसके परिणामस्वरूप इस दौरान रिकॉर्ड 5,00,092 हज़ार 902 एचआईवी जांच की गई एचआईवी जांच के दौरान एचआईवी पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों को शीघ्र अति शीघ्र एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी सेंटर से मुफ्त उपचार व दवाओं के लिए जोड़ा गया। प्रदेश में कुल पांच हजार 897 व्यक्तियों को मुफ्त उपचार व मेडिसिन दी जा रही है।
मुख्यमंत्री आगे कहते हैं कि एचआईवी के होने के अन्य कारणों के साथ साथ नशा जिसके लिए हमारी सरकार ने एक अभियान चलाया हुआ है, जो भी नशे में सम्मिलित लोग हैं या नशे के व्यापार में सम्मिलित लोग है, उनकी संपत्ति को जब्त करने का हमारी सरकार ने अभियान चलाया और पिछले दो महीने से हम गांव तक जाकर बड़ी सख्त कार्रवाई कर रहे हैं और इसमें हमें बहुत अधिक सफलता भी मिल रही है। लेकिन नशा एचआईवी के होने के अन्य कारणों के साथ नशा विशेष कर सीरिंज द्वारा नशा सेवन एचआईवी की रोकथाम में एक चुनौती के रूप में सामने आया है। युवाओं द्वारा मादक पदार्थों का उपयोग और सिरिंज से नशा करने जैसे मामले हमें अंदर से झकझोर रहे हैं, जो हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर विचार करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। प्रदेश के सभी युवाओं से की से मैं अनुरोध करना चाहूंगा कि आप इस रोकथाम में अपनी भूमिका निभाएं। आपको ना केवल जागरूक होना है अपितु अपने आसपास समाज के सभी लोगों को भी जागरूक बनाना है और एचआईवी जांच के लिए भी स्वैच्छिक रूप से आगे आना है।
मुख्यमंत्री आगे कहते हैं कि मुझे खुशी है कि विश्व एड्स दिवस पर इस नवंबर दिसंबर में प्रदेश में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में विभिन्न विभाग, संस्थान, शिक्षण संस्थान बढ़ चढ़कर एचआईवी के विरुद्ध लड़ाई में भाग ले रहे हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है इसी तरह हम सब मिलकर एचआईवी को हराएंगे और अपनी युवा और आने वाली पीढ़ी को एचआईवी फ्री हिमाचल का खूबसूरत तोहफा देंगे। इसी आशा के साथ आप सब लोगों, बच्चों का और से मैं अनुरोध करना चाहता हूं कि जितने भी रेड रिवर क्लब बने हैं, उस क्लब में आप और साथियों को भी जोड़ें और एचआईवी की जांच एचआईवी से जागरूक करवाएं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से एचआईवी को समाप्त करने के संबंध में वर्तमान राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि लोगों को एचआईवी के बारे में जागरूक करने के लिए गांव-गांव तक पहुंच अभियान तथा सोशल मीडिया जागरूकता अभियान जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा एचआईवी के बारे में सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1097 शुरू की गई है। उन्होंने समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों की शीघ्र पहचान करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने मजबूत राष्ट्र के निर्माण में स्वस्थ समाज के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास ओक ओवर से जागरूकता मैराथन को हरी झंडी दिखाई, जिसका समापन होटल पीटरहॉफ में हुआ। मैराथन के विजेताओं को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान एचआईवी जागरूकता को बढ़ावा देने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर, एपीएमसी शिमला के अध्यक्ष देवा नंद वर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप और एड्स नियंत्रण सोसायटी के परियोजना निदेशक राजीव कुमार भी उपस्थित थे।