गौरतलब है कि दोनों योजनाओं के तहत निजी और सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण हासिल करने वाले प्रशिक्षुओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये भत्ते के रूप सरकार दे रही थी। अक्षम प्रशिक्षुओं को 1,500 रुपये भत्ता निर्धारित है। इसके अलावा बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत भी सक्षम और अक्षम युवाओं के लिए क्रमश: एक हजार और 1500 रुपये देने का प्रावधान है। लेकिन, दोनों योजनाओं के तहत पिछले डेढ़ साल से सरकार बजट का प्रावधान नहीं कर पाई है। जिला रोजगार अधिकारी चंबा जितेंद्र वर्मा ने बताया कि दोनों योजनाओं के तहत सरकार की ओर से बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही बजट की व्यवस्था करेगी।